मेरठ, जागरण संवाददाता। कोलंबिया के काली शहर में चल रहे अंडर 20 जूनियर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मेरठ की रूपल ने कांस्य पदक जीता है। यह मेरठ शहर के लिए भी गर्व के पल हैं। शुक्रवार सुबह 4:10 पर हुए फाइनल राउंड में दुनिया की टॉप 8 पएथलीट में शामिल होकर दौड़ लगाते हुए रूपल ने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। रुपल ने अपनी दौड़ 55.85 सेकेंड में पूरी की।

पदक जीतने का यह पहला मौका

प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक ग्रेट ब्रिटेन की येमी मेरी ने 51.50 सेकंड में दौड़ पूरी कर जीता। वही केन्या की दमारिष मतङ्ग ने 51.71 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक जीता। मेरठ की किसी एथलीट द्वारा जूनियर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतने का यह पहला मौका है। मेरठ के एथलेटिक्स जगत में इस जीत को लेकर खुशी की लहर दौड़ गई है। उन्‍हेें बधाइयां मिल रही हैं।

हर तरफ से बधाइयां

पिता ओमवीर सिंह और कोच विशाल सक्सेना को हर तरफ से बधाइयां मिल रही हैं। कोच विशाल सक्सेना का कहना है कि रूपल ने पदक जीतकर उनकी पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल दे दिया है। वही पिता ओमवीर सिंह का कहना है कि यह मौका उनके लिए सबसे गौरव का पल है और वह दिल से कामना करते हैं कि उनकी बेटी खेल की नित नई बुलंदियों को छुए।

सेमीफाइनल में दूसरे स्थान पर रहीं रूपल

वहीं बता दें कि कोलंबिया के काली शहर में चल रही अंडर-20 जूनियर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गुरुवार तड़के 400 मीटर महिला वर्ग की दौड़ में रूपल ने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते हुए फाइनल में प्रवेश कर दुनियाभर के टाप-8 एथलीट में जगह बना ली थी। सेमीफाइनल में रूपल ने 400 मीटर की दौड़ 52:27 सेकेंड में पूरी की। सेमीफाइनल के लिए हुए हीट्स में अपने वर्ग में रूपल दूसरे स्थान पर रहीं।

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सीजन का बेस्ट प्रदर्शन

टाप-8 में पहुंचने वाले एथलीट्स में एक एथलीट्स ने 52 सेकंड से पहले अपनी दौड़ पूरी की है। बाकी सात ने 52 से 53 सेकंड के बीच अपनी दौड़ पूरी की हैं। टाप-8 में समय के प्रदर्शन के अनुसार रूपल दूसरे स्थान पर हैं। यह उनका इस सीजन का भी बेस्ट प्रदर्शन है और 400 मीटर दौड़ में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा है। फाइनल मुकाबले में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

बेहतर करने की कोशिश

हर एथलीट अपनी टाइमिंग को और बेहतर करने की कोशिश करेंगी। रूपल की कोशिश भी होगी कि वह अब 52 सेकंड या उससे कम में अपनी दौड़ पूरी कर लें। ऐसा होने पर वह टाप-3 की पदक तालिका में रहने में सफल हो सकती हैं। 

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Edited By: Prem Dutt Bhatt