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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Meerut: 50 लाख मांगी रिश्वत, कर्मचारी के पास पहुंचे पांच लाख, फिर CBI के जाल में फंस गए CGHS के अधिकारी

Published: Wed, 13 Aug 2025 03:40 PM (IST)

Meerut News मेरठ में सीबीआई ने सीजीएचएस के अपर निदेशक कार्यालय अधीक्षक और एक निजी कर्मचारी को पांच लाख रुपये ...और पढ़ें

CBI के जाल में फंसे CGHS के अपर निदेशक व मुख्य निरीक्षक (सांकेतिक फोटो)
CBI के जाल में फंसे CGHS के अपर निदेशक व मुख्य निरीक्षक (सांकेतिक फोटो)

 जागरण संवाददाता, मेरठ। सीबीआइ ने पांच लाख की रिश्वत लेते हुए केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के अपर निदेशक, कार्यालय अधीक्षक और एक कर्मचारी को मंगलवार शाम उनके कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में सीबीआइ टीम ने गोपनीय योजना बनाकर सारी कार्रवाई को अंजाम दिया।

शिकायतकर्ता विशाल ने बातचीत रिकार्ड कर सीबीआइ से किया संपर्क

नोएडा निवासी नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. आशीष जैन के जैन मेडिकेयर अस्पताल का संचालन विशाल सलोनिया करते हैं। वह पेपला ईदरीशपुर स्थित हाईफील्ड स्पेशियलिटी हास्पिटल और रोहटा रोड स्थित जेएमसी मेडिसिटी स्पेशियलिटी हास्पिटल का संचालन भी करते हैं। विशाल ने बताया कि सूरजकुंड स्थित स्वास्थ्य भवन में सीजीएचएस कार्यालय पर अपर निदेशक अजय कुमार, कार्यालय अधीक्षक लवेश सोलंकी बैठते हैं। दोनों ने उनके जेएमसी मेडिसिटी हास्पिटल और हाईफील्ड हास्पिटल का निरीक्षण किया। खामियां बताते हुए सीजीएचएस का पैनल निलंबन को नोटिस जारी कर दिए।

पैनल बनाए रखने को मांगे थे 50 लाख

 विशाल के अनुसार पैनल बनाए रखने के लिए 50 लाख की मांग की। रकम नहीं देने पर जेएससी मेडिसिटी हास्पिटल का सीजीएचएस पैनल निलंबित कर दिया। विशाल ने कार्यालय में अजय कुमार और लवेश से संपर्क किया। उन्होंने चेतावनी दी कि 50 लाख नहीं दिए तो हाईफील्ड का भी पैनल निरस्त कर दिया जाएगा। विशाल ने दोनों की बातचीत रिकार्ड कर ली। तीन दिन पहले सीबीआइ दिल्ली कार्यालय में संपर्क किया।

सीबीआइ टीम के साथ पांच लाख की रकम लेकर पहुंचे थे विशाल

मंगलवार को सीजीएचएस कार्यालय पर विशाल पांच लाख की रकम लेकर पहुंचे। सीबीआइ की टीम भी साथ थी। कार्यालय में यह रकम कर्मचारी रईस अहमद को दी गई। वह रकम लेकर लवेश सोलंकी के पास पहुंचे। सोलंकी रकम को लेकर अजय कुमार के केबिन में पहुंचे। सीबीआइ की टीम घटनाक्रम को देख रही थी। सीबीआइ की टीम ने रंगेहाथ तीनों को पांच लाख की रकम के साथ दबोच लिया। विशाल की तरफ से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया गया। देर रात तक सीबीआइ टीम कार्यालय से लेकर घर तक सर्च करती रही।

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बैजल भवन के समीप अस्पताल में बैठकर होती थी वसूली

जांच में सामने आया कि बैजल भवन के समीप अस्पताल में बैठकर लवेश सोलंकी वसूली करते थे। वहां पर निजी कर्मचारी रईस अहमद उनके लिए वसूली करता था। सीबीआइ की टीम ने रईस अहमद को भी पकड़ लिया है। हापुड़ रोड स्थित एक अस्पताल में भी बैठकर वसूली की जाती थी। सीबीआइ मामले की गहन जांच कर रही है।