यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Meerut News: 5 लाख की रिश्वत लेते CGHS के अधिकारी को CBI ने किया गिरफ्तार, अस्पताल संचालक ने दर्ज कराया मुकदमा
मेरठ में सीबीआई ने सीजीएचएस के अपर निदेशक मुख्य निरीक्षक और एक कर्मचारी को 5 लाख की रिश्वत लेते हुए ...और पढ़ें

HighLights
- 5 लाख की रिश्वत लेते CGHS अधिकारी गिरफ्तार
- अस्पताल का पैनल निलंबित करने की धमकी
- सीबीआई ने रंगेहाथ किया गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, मेरठ। दिल्ली की सीबीआई टीम ने पांच लाख की रिश्वत लेते हुए सीजीएचएस (केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना) के अपर निदेशक, मुख्य निरीक्षक और एक निजी कर्मचारी को भी गिरफ्तार कर लिया।
रोहटा रोड स्थित हाईफील्ड स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीजीएचएस पैनल का लाइसेंस निलंबित करने की धमकी देकर 50 लाख की रिश्वत मांगी गईं थीं। रिश्वत की पहली किश्त पांच लाख देते हुए सीबीआइ की टीम ने तीनों को रंगेहाथ दबोच लिया। अस्पताल संचालक विशाल सलोनिया की तरफ से तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
हाईफील्ड स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक की शिकायत पर कार्रवाई
नोएडा में रहने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष जैन के जैन मेडिकयर अस्पताल का संचालन विशाल सलोनिया करते हैं। विशाल सलोनिया भोला रोड स्थित पेपला ईदरीशपुर स्थित हाईफिल्ड स्पेशलिटी हास्पिटल और रोहटा रोड स्थित जेएमसी मेडिसिटी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का संचालन भी करते हैं।
विशाल सलोनिया ने बताया कि सूरजकुंड स्थित स्वास्थ्य भवन में सीजीएचएस का कार्यालय हैं, यहां पर अपर निदेशक अजय कुमार, मुख्य निरीक्षक लवेश सोलंकी बैठते हैं। उक्त दोनों ही अफसरों ने आठ जुलाई को उनके जेएमसी मेडिसिटी हॉस्पिटल और हाईफिल्ड स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। दोनों ही अस्पतालों में खमियां बताते हुए सीजीएचएस का पैनल निलंबन के लिए अधिकारिक नोटिस जारी किए।
50 लाख रुपये की मांग की
सीजीएचएस पैनल बनाए रखने के लिए 50 लाख की मांग की। रकम नहीं देने पर जेएससी मेडिसिटी हॉस्पिटल का सीजीएचएस पैनल निलंबित कर दिया। उसके बाद विशाल सलोनिया ने सीजीएचएस के कार्यालय में अजय कुमार और लवेश सोलंकी से संपर्क किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही 50 लाख नहीं दी तो दूसरे अस्पताल हाईफिल्ड का भी सीजीएचएस पैनल निरस्त कर दिया जाएगा।
एक अस्पताल का सीजीएचएस पैनल निलंबित किया
विशाल ने दोनों अफसरों की बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। उसके बाद तीन दिन पहले ही सीबीआइ के दिल्ली कार्यालय में संपर्क किया। सीबीआइ की टीम ने विशाल के साथ मिलकर सीजीएचएस कार्यालय की रेकी की। सभी साक्ष्य जुटाने के बाद विशाल की शिकायत पर अजय कुमार और लवेश सोलंकी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया। यह रकम दोनों ही अफसर निजी कर्मचारी रईस से वसूली करते थे।
सीबीआई ने रईस को भी गिरफ्तार कर लिया। कार्यालय के बाद अजय कुमार और लवेश सोलंकी के घर को भी सीबीआइ की टीम ने सर्च किया है। देर रात तीनों को सीबीआई की टीम अपने साथ ले गई।
