UP की यह यूनिवर्सिटी हर स्टूडेंट को पढ़ाएगी आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस, ऐसा होगा ‘AI for All’ सबजेक्ट
CCSU News : चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय अगले सत्र से स्नातक और परास्नातक छात्रों के लिए 'एआई फॉर ऑल' विषय लागू करेगा। यूजीसी के निर्देश पर यह पहल सभी ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, मेरठ। उच्च शिक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) से जोड़ने और पढ़ाने के लिए यूजीसी की ओर से जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश में कानपुर विश्वविद्यालय ने ‘एआइ फार आल’ विषय को लागू कर दिया है। इसी कड़ी में अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से भी अगले सत्र से यह विषय लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसे यूजी-पीजी यानी स्नातक व परास्नातक स्तर पर पहले व दूसरे सेमेस्टर में लागू किया जा सकता है। इसमें विद्यार्थियों को आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा।
डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य सभी संकायों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ, व्यावहारिक उपयोग और नैतिक पक्ष से परिचित कराना है।
यह विषय केवल तकनीकी या इंजीनियरिंग छात्रों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि कला, वाणिज्य, विज्ञान, शिक्षा, सामाजिक विज्ञान, प्रबंधन सहित सभी संकायों के छात्र इसका अध्ययन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय का मानना है कि भविष्य की शिक्षा और रोजगार के लिए एआइ साक्षरता अब अनिवार्य हो चुकी है।
विश्वविद्यालय की आइक्यूएसी यानी इंटर्नल क्वालिटी एश्योरेंस कमेटी में विस्तार से चर्चा के बाद इसकी रूपरेखा तय की गई है। इस विषय में 60 प्रतिशत थ्योरी व 40 प्रतिशत प्रैक्टिकल रखते हुए 25 प्रतिशत मूल्यांकन आंतरिक व 75 प्रतिशत वाह्य रहेगा।
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तकनीकी पृष्ठभूमि न रखने वाले छात्र समझ सकेंगे
‘एआइ फार आल’ एक आधारभूत और समावेशी विषय है, जिसे इस तरह तैयार किया गया है कि तकनीकी पृष्ठभूमि न रखने वाले छात्र भी इसे आसानी से समझ सकें। इसमें जटिल कोडिंग की बजाय अवधारणाओं, उदाहरणों और वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों पर अधिक जोर दिया जाएगा।
इस विषय के अंतर्गत छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय के तहत एआइ क्या है, इसका विकास, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग की सरल समझ आदि पढ़ाएंगे। इसके अलावा एआइ हमारे दैनिक जीवन में, जनरेटिव एआइ और आधुनिक टूल्स, डाटा और निर्णय प्रक्रिया, एआइ और नैतिकता और रोजगार और भविष्य की संभावनाओं के बारे में बताया जाएगा।
यह लाभ पहुंचाना है उद्देश्य
विश्वविद्यालय के अनुसार ‘एआइ फार आल’ को पठन-पाठन में शामिल करने पर सभी विषयों के छात्रों में डिजिटल और एआइ साक्षर बनाने, रोजगारोन्मुखी कौशल और भविष्य की तकनीकों की तैयारी कराने, तकनीक के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ बढ़ाने, शोध, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

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