Akshaya Tritiya: ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन का समय बढ़ा, श्रद्धालुओं के लिए ये है अक्षय तीज की नई टाइमिंग
Akshaya Tritiya ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार सवा चार घंटे अधिक दर्शन का लाभ मिलेगा। मंदिर के पट सुबह 6 बजे खुलेंगे और दोपहर 1230 बजे बंद होंगे। शाम को 4 बजे खुलने वाले पट रात 1030 बजे बंद होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर तक वन-वे रूट बनाया गया है और गर्मी से राहत के लिए जगह-जगह पंखे लगाए गए हैं।
जागरण संवाददाता, वृंदावन (मथुरा)। अक्षय तीज पर 30 अप्रैल को ठाकुर बांकेबिहारी के पट निर्धारित समय से सवा चार घंटे अधिक समय तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। सुबह मंदिर के पट छह बजे ही खुल जाएंगे दोपहर को भी निर्धारित समय अधिक समय तक खुलेंगे। यह निर्णय डीएम एवं एसएसपी ने मंदिर के प्रबंधन एवं सेवायत गोस्वामियों के बीच मोहन बाग में पर्व की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में तय हुआ।
अक्षय तीज पर ठाकुर बांकेबिहारी के चरण दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की संभावना को देखते हुए बैठक में निर्णय लिया कि अक्षयतीज पर मंदिर के पट निर्धारित समय सुबह पौने आठ बजे से पहले छह बजे ही खुल जाएंगे जबकि दोपहर 12 बजे की जगह साढ़े बारह बजे बंद होंगे। शाम को निर्धारित समय साढ़े पांच बजे की जगह चार बजे खुल जांएगे। रात को साढ़े नौ की जगह साढ़े दस बजे बंद होंगे।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के मोहन बाग में मंदिर प्रबंधन सेवायतों के साथ बैठक कर निकले डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार। - फोटो: जागरण।
अक्षय तृतीया की तैयारियों में जुटा प्रशासन, सुलभ दर्शन को मंथन
30 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। ठाकुर बांकेबिहारी इस दिन वर्ष में एक बार ही चरण दर्शन देते हैं। उनके चरण दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु वृंदावन पहुंचेंगे। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। मंदिर प्रबंधन ने पहले ही श्रद्धालुओं से भीड़ का अनुमान लगाकर ही मंदिर आने की अपील की है। अक्षय तृतीया पर ठाकुर मंदिर के गर्भगृह से ही दर्शन देंगे, ऐसे में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध प्रवेश ही मिलेगा। रस्सी से बैरिकेडिंग की जाएगी।
सेवायतों संग बैठक कर तैयारियों पर मंथन किया
व्यवस्थाएं बेहतर करने को डीएम चंद्र प्रकाश सिंह व एसएसपी श्लोक कुमार ने सेवायतों संग बैठक कर तैयारियों पर मंथन किया। अक्षय तृतीया पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था देने की योजना मंदिर प्रबंधन व जिला प्रशासन ने बनाई है। श्रद्धालुओं को किसी तरह असुविधा न हो इसका विशेष ख्याल रखा जाएगा। मंदिर के अंदर, आसपास के इलाके में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सहूलियत के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
मंदिर तक वन-वे रूट के जरिए श्रद्धालु दर्शन लाभ लेंगे। गर्मी के दिनों गर्म सड़क पर नगर निगम कारपेट बिछवा जा रहा है और जगह-जगह पंखे लगाकर श्रद्धालुओं को राहत दी जाएगी। डीएम व एसएसपी ने मंदिर आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था देखी।
30 अप्रैल को लाखों श्रद्धालु वृंदावन आएंगे
डीएम ने कहा कि 30 अप्रैल को लाखों श्रद्धालु वृंदावन आएंगे। उनके लिए साफ-सफाई, बिजली, पानी की पुख्ता व्यवस्था होगी। श्रद्धालु मंदिर आकर सुविधापूर्वक दर्शन कर लौटें, इस तरह की व्यवस्था बनाई गई है। मंदिर प्रबंधन, सेवायतों व स्थानीय लोगों के साथ बैठक की गई। हमें बताया पिछले वर्ष व्यवस्था अच्छी थी, तो उसी व्यवस्था काे लागू करने के साथ और अधिक व्यवस्था की जाएगी।
मंदिर आने को यहां से मिलेगी एंट्री
अक्षय तृतीया पर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को परिक्रम मार्ग के जुगलघाट एवं विद्यापीठ से ही प्रवेश मिलेगा। यहां बने जूताघरों में श्रद्धालु जूता-चप्पल उतारकर ही मंदिर की ओर आगे बढ़ेंगे। विद्यापीठ से आने वाले श्रद्धालु गेट संख्या तीन से प्रवेश कर चार से बाहर निकलेंगे। जुगलघाट से आने वाले श्रद्धालु गेट संख्या तीन से प्रवेश कर एक से बाहर निकलेंगे।
भक्तों के लिए बिछेगा कारपेट
नगर निगम द्वारा विद्यापीठ व जुगलघाट से मंदिर तक आने वाले रास्ते पर जमीन पर कारपेट बिछाया जाएगा। श्रद्धालु कारपेट पर होकर ही मंदिर तक पहुंचेंगे। कदम कदम पर बड़े पंखे श्रद्धालुओं के लिए लगाए जाएंगे। ताकि गर्मी से राहत मिल सके।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।