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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mathura News: श्रीकृष्ण जन्मस्थान में विराजी ढाई करोड़ की स्वर्ण मंडित श्रीमद्भभागवत, यह है खासियत

Published: Sun, 26 Jan 2025 08:18 AM (GMT+05:30)

Mathura News श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत विराजमान जिसकी कीमत ढाई करोड़ रुपये है। इस अद्भुत पल का साक्षी ...और पढ़ें

भागवत भवन में महर्षि वेदव्यास जी की प्रतिमा के समक्ष स्थापित स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत जी । फोटो सौ. मंदिर प्रबंधन
भागवत भवन में महर्षि वेदव्यास जी की प्रतिमा के समक्ष स्थापित स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत जी । फोटो सौ. मंदिर प्रबंधन

HighLights

  1. भागवत भवन में महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा के समक्ष किया गया विराजमान
  2. कान्हा के आंगन में हुई जय-जयकार, आस्था के रंग में रंग गए श्रद्धालु

जागरण संवाददाता, मथुरा। कान्हा का आंगन शनिवार को उल्लास में डूब गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्वर्ण मंडित ढाई करोड़ रुपये की श्रीमद्भागवत विराजमान हुईं, तो दर्शन को भीड़ उमड़ी। इस अद्भुत पल का साक्षी बनने को हर जन व्याकुल रहा। मंत्रों की ध्वनि से भागवत भवन गुंजायमान हो गया।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत स्थापना उत्सव के तीसरे दिन माघ कृष्ण एकादशी पर शनिवार को सुबह आठ बजे श्रीभागवत भवन स्थित युगल सरकार श्रीराधाकृष्ण मंदिर में महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा के समीप स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत की स्थापना श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी अनुराग डालमिया, उनकी धर्मपत्नी जयंती डालमिया, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, सेवानिवृत्त आइएएस एस. लक्ष्मीनारायणन, उनकी पत्नी सरस्वती लक्ष्मीनारायणन ने की।

भागवत भवन में महर्षि वेदव्यास की प्रतिमा के समक्ष किया गया विराजमान

स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत का निर्माण सेवानिवृत्त आएएस एस लक्ष्मीनारायणन ने कराया है। शनिवार को स्थापना के बाद 11 भागवत आचार्यों द्वारा श्रीमद्भागवत का मूलपाठ शुरू किया गया। मूलपाठ का विश्राम 31 जनवरी को होगा। इससे पूर्व शुक्रवार को 1008 महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर शोभायात्रा निकाली थी।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित भागवत भवन में महर्षि वेदव्यास जी की प्रतिमा के समक्ष स्वर्ण मंडित श्रीमद्भागवत जी को पत्नी सरस्वती लक्ष्मीनारायण संग स्थापित करते सेवानिवृत्त आइएएस डा. एस लक्ष्मीनारायण व अन्य। फोटो सौ. मंदिर प्रबंधन

यह है खासियत

श्रीमद्भागवत में 18 हजार श्लोक उकेरे गए हैंं। इन श्लोक को 24 कैरेट गोल्ड से मढ़ा गया है। श्रीमद्भागवत का वजन करीब 151 किलोग्राम है। चेन्नई की गिरि ट्रेडिंग एजेंसी ने ताम्रपत्र पर श्रीमद्भागवत को उकेरा है, जबकि वुम्मदी बंगारू ज्वैलर्स ने श्लोकों को सोने से मढ़ा है। इसमें 0.75 माइक्रोन सोने का प्रयाग किया गया है। 14 गुणा 12 इंच की कापर शीट का प्रयोग किया गया है, इसे देवनागरी लिपि में लिखा गया है।

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के महासंवाद को तेज हुआ हस्ताक्षर अभियान

प्रयागराज में त्रिवेणी के तट पर लगे महाकुंभ के सेक्टर-16 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर आयोजित होने वाले महासंवाद की तैयारियां तेज हो गई हैं। एक फरवरी को होने वाले आयोजन के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष और श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले में न्यायालय में वादी अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का आंदोलन चरणबद्ध ढंग से चलाया जा रहा है। लगातार साधु संतों के साथ मिल बैठकर सलाह ली जा रही है। इन सुझावों पर भी 11 सदस्य समिति मंथन कर रही है।

महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाकुंभ में आए विदेशी साधु- संतों ने इस बात पर अपनी सहमति व्यक्त की है, वह अपने-अपने देश में रह रहे हिंदू समाज के लोगों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के आंदोलन की विस्तार से जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंदजी महाराज, मावली पीठाधीश्वर जगदगुरु राजेश्वरानंद महाराज, स्पेन के स्वामी उमेश योगी, अमेरिका से स्वामी सर्वभौमानंद, गरुणानंद मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र महाराज, कथावाचक श्याम सुंदर पाराशर, संजीव कृष्ण शास्त्री, स्वामी गोविंदानंद तीर्थ आदि की सहमति मिल चुकी है।