मैनपुरी, जागरण टीम। सात साल पहले एससी किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने और पीड़ित किशोरी और उसकी मां को आत्महत्या के लिए विवश करने के दोषी को स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की न्यायाधीश पूनम त्यागी ने 20 साल के कारावास और 30 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि उसके एक साथी को तीन साल के कारावास और चार हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया है।

दुष्कर्म का दोषी पाया आरोपित

थाना कुर्रा क्षेत्र की निवासी एक किशोरी को 21 मई 2015 को लापता हो गई थी। घटना की रिपोर्ट आबिद, अब्दुल और महमूद खां निवासीगण मुहल्ला सईद सदनपुरी उरई जालौन के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने युवती को बरामद किया तो उसने आबिद द्वारा दुष्कर्म किए जाने की जानकारी दी। किशोरी ने बताया कि उसे अब्दुल के घर में बंधक बनाकर रखा गया था। बाद में इस घटना से व्यथित किशोरी और उसकी मां ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।

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जांच के बाद पुलिस ने लगाई सजा

जांच के बाद पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए विवश करने की धारा के तहत अदालत में चार्जशीट पेश की थी। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आबिद और अब्दुल काे घटना के लिए दोषी करार दिया था। जबकि महमूद खां के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उसे दोषमुक्त कर दिया था।

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सोमवार को दोनों आरोपितों के सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों आरोपितों को दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शैलेंद्री राजपूत ने की। 

Edited By: Abhishek Saxena