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    UP में मौसम ने फिर बदला करवट, ठंड से कांप रहे लोग; जनजीवन बेहाल

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 01:57 PM (IST)

    महराजगंज में मौसम ने फिर करवट ली है, दो दिन धूप के बाद कड़ाके की ठंड लौट आई है। सर्द पछुआ हवा और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित है। अधिकतम तापमान 19 और ...और पढ़ें

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    पछुआ हवाओं ने बढ़ाई गलन और ठंड। जागरण

    जागरण संवाददाता, महराजगंज। मौसम रोज करवट बदल रहा है। दो दिन धूप निकलने के बाद शनिवार को फिर ठंड का सितम जारी हो गया। कड़ाके की ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। सर्द पछुआ हवा के चलते ठिठुरन बढ़ गई है।

    हालात यह हैं कि लोग घरों में दुबकने को विवश हैं और बेहद जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। घना कोहरा यात्रियों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। जिले के मौसम का अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई है।

    गुरुवार और शुक्रवार को सुबह और शाम ठंड रही। हालांकि दोपहर में धूप निकलने पर लोगों को काफी राहत महसूस हुई, लेकिन शनिवार को फिर मौसम बदल गया। मौसम की बेरूखी से ठंड का सितम जारी हो गया है।

    सुबह नगर के सक्सेना चौक, शिकारपुर, भिटौली, पकड़ीबिशुनपुर, परतावल, घुघली, पनियरा, निचलौल, सिसवा, कोठीभार, ठूठीबारी, फरेंदा, नौतनवा और सोनौली आदि क्षेत्रों में सड़कें ओस की बूंदों से भीगी रही। धुंध के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। दिन भर बदली छाई रही। ऐसे में रोज की अपेक्षा सड़कों पर आवाजाही भी कम दिखी।

    धूप नहीं निकलने से ठंड और गलन बरकरार रहा। ठंड और नमी के कारण लोग कंपकंपाते नजर आए। ठंड बढ़ने का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर देखा जा रहा है।

    जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

    किडनी रोगी ठंड में बरतें सावधानी: डा. इशार खान
    महराजगंज: केएमसी मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल के नेफ्रोलाजिस्ट डा. इशार खान ने कहा कि ठंड के मौसम में किडनी से संबंधित रोगियों को बचाव रखना आवश्यक है। खासकर मधुमेह के रोगियों को अत्यधिक पानी पीने से बचना चाहिए, साथ ही ठंडे जगह पर भी शरीर को गर्म रखना चाहिए। जिन रोगियों को हृदय की समस्या है, उन्हें नमक एवं प्रोसेस्ड फूड से बचाना चाहिए।

    बार-बार बीपी की जांच करते रहें। यदि पेशाब कम या जलन के साथ होता है, पैरों एवं चेहरे पर सूजन होता है, थकान, भूख न लगना महसूस होता है, तो तत्काल किडनी रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि डायलिसिस रोगी हरे पत्तेदार सब्जी, ड्राई फ्रूट, च्यवनप्राश, बिल्कुल भी न ले। उच्च रक्तचाप का नियंत्रण सबसे महत्वपूर्ण है।

    ग्रामीण इलाकों में अलाव की व्यवस्था नदारद, बढ़ी परेशानी
    कड़ाके की ठंड के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शीतलहर और ठंड से बचाव के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा है, लेकिन गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलाए जाने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भिटौली, शिकारपुर, पकड़ीबिशुनपुर, परसामलिक, बरगदवा, ठूठीबारी, आदि क्षेत्रों में अलावा की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।

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    ग्रामीणों का कहना है कि रात और सुबह के समय ठंड का प्रकोप अधिक रहता है। खेतों और मजदूरी पर जाने वाले लोगों को ठंड में निकलना मजबूरी है, लेकिन अलाव की व्यवस्था न होने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई गांवों में पंचायत भवन, चौराहों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। गौरव कुमार, नूरआलम, विनोद, चंदन, राज आदि ने प्रशासन से मांग की है कि शीतलहर को देखते हुए गांवों में तत्काल अलाव की व्यवस्था कराई जाए, ताकि लोगों को ठंड से राहत मिल सके।

    कोहरे से आवागमन प्रभावित, रफ्तार पर लगा ब्रेक
    सुबह और रात में घने कोहरे के कारण सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय व ग्रामीण मार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई, वहीं दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हुई।

    कोहरे के चलते कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए। चालक लाइट जलाकर और हार्न का सहारा लेकर आगे बढ़ते दिखे। एआरटीओ मनोज कुमार सिंह ने कोहरे के समय वाहन चालकों से सावधानी बरतने, धीमी गति से चलने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।