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    UP News: यूपी में बिना सूचना गायब रहने वाले शिक्षकों की मनमानी पड़ेगी भारी, सब पर नजर रखेगा यह विभाग

    Updated: Fri, 31 Jan 2025 06:45 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की छुट्टियों के दौरान अनुपस्थिति पर नजर रखी जाएगी। विभागीय अधिकारी विद्यालयों में जाकर उपस्थिति की जांच करेंगे और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लागू किया जाएगा। झांसी में एक छात्र की आत्महत्या के बाद यह कदम उठाया गया है। आश्रम पद्धति के 101 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों का संचालन समाज कल्याण विभाग करता है।

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    समाज कल्याण विभाग शिक्षकों पर नजर रखेगा। जागरण

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। अपने आला अधिकारियों को बिना सूचना दिए छुट्टी के दिनों में घर जाने वाले समाज कल्याण विभाग के स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों की निगरानी की जाएगी। छुट्टी के दिन भी समाज कल्याण विभाग के अधिकारी विद्यालयों में जाकर सभी प्रधानाचार्य और शिक्षकों की उपस्थिति की जांच करेंगे। इसके लिए सभी विद्यालयों में फेस रिकगनेशन (चेहरा दिखाकर उपस्थिति) की व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी। झांसी के विद्यालय में पिछले दिनों इंटर के छात्र राेहन की आत्महत्या करने की घटना के बाद विभाग यह तैयारी कर रहा है।

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    उत्तर प्रदेश में गरीब बच्चों को निश्शुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करने के लिए आश्रम पद्धति के 101 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों का संचालन समाज कल्याण विभाग करता है। इसके साथ ही 13 जनजातीय विद्यालय भी विभाग की देखरेख में चलते हैं। इन विद्यालयों में इंटर तक के 36 हजार बच्चों को पढ़ाने के लिए दो हजार शिक्षक तैनात हैं।

    आवासीय विद्यालय होने के कारण प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को विद्यालय में ही रहना आवश्यक होता है। लेकिन कई प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्रावास में तैनात कर्मचारी शनिवार व रविवार के अलावा अवकाश के दिन अपने संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारियों को सूचना दिए बिना ही दूसरे जिलों में स्थित अपने घरों को चले जाते हैं।

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    झांसी के विद्यालय में 12वीं के छात्र द्वारा आत्महत्या के कारण शिक्षकों की निगरानी की जाएगी। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)


    पिछले दिनों झांसी के विद्यालय में 12वीं के छात्र रोहन के आत्महत्या करने की घटना के बाद वहां पहुंचे निदेशक कुमार प्रशांत ने जांच की तो इस लापरवाही का पता चला था। मौके पर ही प्रधानाचार्य सहित तीन लोगों को निलंबित कर दिया गया था। अब सभी विद्यालयों में फेस रिकगनेशन सिस्टम लगाया जा रहा है। प्रधानाचार्य और शिक्षकों को शनिवार, रविवार के अलावा अन्य सभी अवकाश में अपनी उपस्थिति इस सिस्टम से लगानी होगी।

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    शाम को वहां के जिला समाज कल्याण अधिकारी विद्यालय पहुंचकर इसका सत्यापन करेंगे कि कोई शिक्षक या प्रधानाचार्य अनुपस्थित तो नहीं है। बिना सूचना के अनुपस्थिति मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी। निदेशक कुमार प्रशांत ने बताया कि सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को शत प्रतिशत फेस रिकगनेशन सिस्टम लगाने के आदेश दे दिए गए हैं। अवकाश के दिन शिक्षकों व प्रधानाचार्य की उपस्थिति की जांच होगी।