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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली चलो का नारा बुलंद कर जंतर-मंतर के लिए निकल पड़े शिक्षामित्र

By Nawal MishraEdited By:
Published: Sat, 09 Sep 2017 06:44 PM (IST)Updated: Sun, 10 Sep 2017 09:09 PM (IST)

शिक्षामित्रों ने 11 सितंबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने का निर्णय लिया है। इसके लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। शिक्षामिक्ष दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं।

दिल्ली चलो का नारा बुलंद कर जंतर-मंतर के लिए निकल पड़े शिक्षामित्र
दिल्ली चलो का नारा बुलंद कर जंतर-मंतर के लिए निकल पड़े शिक्षामित्र

लखनऊ (जेएनएन)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद किए जाने के फैसले के बाद से ही जिले के तीन हजार से अधिक शिक्षामित्र शिक्षण कार्य छोड़कर पुन: बहाली के लिए आंदोलित हैं। इसी क्रम में शिक्षामित्रों की मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के अडिय़ल रवैया से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने 11 सितंबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने का निर्णय लिया है। इस धरने को सफल बनाने के लिए उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ नेताओं के साथ जिले और ब्लॉक स्तरीय टोलियों के साथ शिक्षामित्र दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं। 

तस्वीरों में देखें-उग्र होता शिक्षामित्रों का आंदोलन

शिक्षामित्रों के संघर्ष से जुड़े संगठन के प्रांतीय प्रवक्ता ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों से दुश्मनी निकाल रही है। एटा में सरकारी अत्याचार निंदनीय है। टीईटी तैयारी में जुटे शिक्षामित्रों का आह्वान किया सभी लोग दिल्ली के चार दिवसीय धरना-प्रदर्शन में अवश्य भाग लें। उन्होंने ब्लॉकवार जिम्मेदारी भी सौंपी है। भाजपा सरकार के प्रति विरोध जता शिक्षामित्रों ने दिल्ली चलो का नारा बुंलद किया। वह फैसला अपने पक्ष में न आने तक वह आंदोलित रहेंगे।

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सरकार से कोई ठोस आश्वासन नहीं

आंदोलन से जुड़े नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने लाखों शिक्षामित्रों को बेरोजगारी की लाइन में खड़ा कर दिया है। मानदेय देकर वह जख्मों पर मरहम लगाना चाहती है। सरकार से कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर अब उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देने का ऐलान किया। 11 सितंबर को सूबे भर के दिल्ली पहुंच रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा गठित कमेटी से वार्ता विफल रही है।  

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