डीजीपी ने पदोन्नत पुलिस अधिकारियों को लगाया प्रतीक चिह्न, पुलिस मुख्यालय में पिपिंग सेरेमनी का आयोजन
डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में नव वर्ष के पहले दिन पदोन्नत पुलिस अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह प्रदान किए। उन्होंने तरुण गाबा, प्रवीण कुम ...और पढ़ें

लखनऊ: पुलिस महानिदेशक तरूण गाबा को पदोन्नति मिलने के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण नई रैंक का प्रतीक चिन्ह लगाते हुए। फोटो: पुलिस
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय में नए वर्ष के पहले दिन आयोजित समारोह में नव पदोन्नत पुलिस अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह लगाया। पुलिस अधिकारियों की पिपिंग सेरेमनी को लेकर उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नत हुए तरुण गाबा व प्रवीण कुमार को प्रतीक चिन्ह लगाया।
इसके अलावा पुलिस उप महानिरीक्षक से पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नत हुए किरण एस, आनन्द सुरेश राव कुलकर्णी, अमित वर्मा, राजीव मल्होत्रा, डा. अखिलेश कुमार निगम, हेमराज मीना को पुलिस उप महानिरीक्षक, संतोष कुमार मिश्रा को पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर पदोन्नति मिलने के बाद डीजीपी ने प्रतीक चिन्ह लगाया।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक अन्य समारोह में डीजीपी ने नव वर्ष को लेकर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से मुलाकात कर उन्हें नए वर्ष की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नए वर्ष में और अधिक सक्रिय रहकर अपराध की चुनौतियों को हल करना है।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल एक परिवार है। पुलिसकर्मियों के अथक प्रयासों से प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और पुलिस में आमजन का विश्वास मजबूत हुआ है। साथ ही उम्मीद जताई कि नया वर्ष पुलिस के लिए और अधिक उपलब्धियों, जनसेवा, संवेदनशील पुलिसिंग तथा नागरिकों के साथ विश्वास के रिश्ते को और गहराई देने वाला सिद्ध होगा।
डीजीपी ने पुलिस कर्मियों को दिया भावुक संदेश
डीजीपी राजीव कृष्ण ने नए वर्ष पर पुलिस कर्मियों को भावुक संदेश दिया। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि बीता वर्ष कर्तव्य, कठिनाई और कर्मठता की कसौटी वाला रहा है। पुलिस की वर्दी ने शक्ति ही नहीं बल्कि संवेदनशीलता भी दिखाई। पुलिस कर्मियों ने अनुशासन के साथ आत्मसंयम भी दिखाया।
उन्होंने पुलिस कर्मियों से अपील की कि वर्दी केवल हमारी पहचान नहीं बल्कि उत्तरदायित्व की घोषणा है। हमारा हर शब्द व निर्णय जनता के मन में विश्वास और संदेश दोनों पैदा कर सकता है। पुलिस की शक्ति उसका सामूहिक मनोबल है।
उन्होंने यह भी कहा है कि अब अपराध की दुनिया बदल चुकी है, अपराधी गलियों में नहीं बल्कि नेटवर्क के रूप में संगठित हो चुके हैं। इसलिए हम सभी को नए वर्ष पर अपनी सोच, दिशा और दायित्व का नवीनीकरण करना है।

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