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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी में नवनियुक्त शिक्षकों को चार माह बाद भी नहीं मिल रहा वेतन, इस वजह से रुक गई है सैलरी

Published: Mon, 29 Sep 2025 09:49 PM (IST)

प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में नए नियुक्त प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों को चार महीने बाद भी वेतन नहीं मिला ...और पढ़ें

नवनियुक्त शिक्षकों को चार माह बाद भी नहीं मिल रहा वेतन।
नवनियुक्त शिक्षकों को चार माह बाद भी नहीं मिल रहा वेतन।

HighLights

  1. नए शिक्षकों को चार महीने से वेतन नहीं |
  2. प्रमाणपत्र सत्यापन में देरी से भुगतान रुका |
  3. दीपावली से पहले वेतन का आश्वासन |

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत नवनियुक्त प्रवक्ता और सहायक अध्यापक चार माह बीत जाने के बाद भी वेतन से वंचित हैं। मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र पाने वाले इन शिक्षकों को पहले वेतन का बेसब्री से इंतजार है, लेकिन शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन न होने की वजह से वेतन रुका हुआ है। शिक्षकों में इसे लेकर निराशा है, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ ने इस संबंध में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को पत्र लिखकर तत्काल वेतन भुगतान की मांग की है। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील कुमार भड़ाना और महामंत्री डॉ. रवि भूषण ने बताया कि आठ मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में 494 सहायक अध्यापकों (एलटी) और 49 प्रवक्ताओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे।

सभी शिक्षक नियुक्ति के बाद कार्यभार ग्रहण कर नियमित शिक्षण कार्य कर रहे हैं, लेकिन प्रमाणपत्र सत्यापन की धीमी प्रक्रिया के कारण उन्हें अब तक वेतन नहीं मिला है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि त्योहारों का समय शुरू हो गया है और वेतन न मिलने से नवनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की कि शपथ-पत्र के आधार पर वेतन भुगतान का आदेश जारी किया जाए ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे, तो प्रमाणपत्र सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही पूरी क्यों नहीं कराई गई?

क्या यह व्यवस्था इतनी जटिल हो चुकी है कि शिक्षकों को अपनी मेहनत की पहली तनख्वाह के लिए चार-चार माह इंतजार करना पड़े? माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव का कहना है कि नियम के अनुसार वेतन का भुगतान केवल प्रमाणपत्र सत्यापन के बाद ही किया जा सकता है।

यूपी बोर्ड के अलावा अन्य बोर्डों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में समय लगता है। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि दीपावली से पहले सभी नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन देने की व्यवस्था कराई जाएगी।

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