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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

परिवार वालों का शव लेने से इन्कार, सैफुल्लाह को ऐशबाग में दफनाया

By Nawal MishraEdited By:
Published: Wed, 08 Mar 2017 11:07 PM (IST)Updated: Thu, 09 Mar 2017 11:17 AM (IST)

आतंकी सैफुल्लाह का शव उसके परिवारीजनों ने लेने से मना कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव ऐशबाग कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां उसे दफना दिया गया।

परिवार वालों का शव लेने से इन्कार, सैफुल्लाह को ऐशबाग में दफनाया
परिवार वालों का शव लेने से इन्कार, सैफुल्लाह को ऐशबाग में दफनाया

लखनऊ (जेएनएन)। एटीएस की मुठभेड़ में मारे गई आइएस आतंकी सैफुल्लाह का शव कानपुर में रहने वाले उसके परिवारीजनों ने लेने से मना कर दिया। एसएसपी मंजिल सैनी के मुताबिक रात पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में सैफुल्लाह का शव ऐशबाग कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां उसे दफना दिया गया। एसएसपी ने बताया कि सैफुल्लाह के परिवारीजनों से पुलिस ने संपर्क कर शव ले जाने की बात कही थी पर उन्होंने शव लेने से मना कर दिया था। परिवारीजन उसके आतंकी संगठन से जुडऩे के कारण काफी नाराज थे। 
परिवारीजन नहीं आए
आतंकी सैफुल्लाह के मारे जाने के बाद उसके पिता को दुख तो था, लेकिन इस बात का कि उनका बेटा आतंकी था। जो बेटा दहशतगर्दों के बहकावे में आकर देश का दुश्मन बन गया। उन्होंने बेटे की हरकत को पूरी कौम के लिए दाग बताते हुए उसे गद्दार करार दिया और मिसाल पेश करते हुए शव लेने से ही इन्कार कर दिया। पिता सहित पूरा परिवार सैफुल्लाह की हरकत पर शर्मिंदा है। सैफुल्लाह की इस हरकत से जाजमऊ मनोहर नगर टीला निवासी सरताज अहमद के साथ पूरा परिवार हैरत में है।
बुधवार को पुलिस पूछने पहुंची कि उसका शव चाहिए क्या? इस पर पिता ने दो टूक कह दिया कि हमें शव नहीं चाहिए। पिता सरताज के मुताबिक, जबसे सैफुल्लाह से लोग सैफ कहने लगे, वह भटक गया। इस बात पर घर में कई बार डांटा गया तो उसने घर छोड़ दिया। उसके बाद वह क्या कर रहा था? किसी को पता नहीं था। अचानक टीवी से पता चला कि वह देश से गद्दारी कर रहा है और उसे सजा में जान गंवानी पड़ी।