Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    कानपुर में यातायात संकट: वाहन बढ़ते गए, फुटपाथ व सड़क लील गए अतिक्रमणकारी और फंस रहे वाहन

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 04:19 PM (IST)

    कानपुर में बढ़ती जनसंख्या, वाहनों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि और अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। सड़कें और फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट मे ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    गुमटी बाजार में फुटपाथ पर अतिक्रमण और सड़क में पार्किंग होने के कारण लगा जाम। जागरण

    राहुल शुक्ल, कानपुर। बढ़ती जनसंख्या, वाहनों की तेजी से होती बढ़ोत्तरी, अव्यवस्थित विस्तार, अतिक्रमण में गायब होती सड़कें अब शहर के लिए यातायात के लिए मुसीबत बन गयी है। हर साल नयी योनजाओं का सपना दिखाने वाले अफसर खुद दो साल में चले जाते है और योजना कागज में बंद हो जाता ही।फिर नए अफसर आते है और नयी कार्ययोनजा चालू हो जाती है लेकिन शहर की बुनियादी समस्याओं पर कोई कार्य नहीं हो रहा है।

     

    शहर की सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण, व्यावसायिक वाहनों पर लागम न कंसना, सड़कों का चौड़ीकरण न होने और वेंडिंग जोन न बनाया जाना है। साथ ही अराजक यातायात व्यवस्था है।केवल यहीं सुधार दिया जाए तो शहर की 70 प्रतिशत शहर को राहत मिल जाएगी।ऐसा नहीं है कि शहर के जनप्रतिनिधि सुधार नहीं चाहते है वह केवल अपने क्षेत्रों में विकास कराने तक सीमित है। पूरे शहर की समस्या खत्म करने पर ध्यान ही नहीं है।
    हालत यह है कि शहर का शायद ही कोई ऐसी बाजार व प्रमुख सड़कें न हो जिसमें सड़कों के किनारे अवैध दुकानें, ठेले, अस्थायी निर्माण और पार्किंग की समस्या न हो।

     

    जिम्मेदार केडीए और नगर निगम के अफसरों को भी जनता का दर्द नजर न हीं आता है। केवल खानापूरी होती है। सरकार के आदेश आने पर दिखावे के लिए अतिक्रमण हटा दिया जाता है।जिम्मेदार पुलिस भी शांत बैठ रहती है।केवल सुविधा शुल्क का बंटवारा होता है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी एक इलाका ऐसा नहीं है जिसमें कहा जा सके सबकुछ ठीक है। फुटपाथ को दुकानदारों ने शोरूम बना दिया है और सड़क को पार्किंग स्थल बना दिया है। संकरी सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना अधिक होती है, विशेषकर स्कूली बच्चों, बुज़ुर्गों और पैदल चलने वालों के लिए। शहर की व्यवस्थित करने के लिए सिर्फ 450 यातायात अफसर व सिपाही है।


    यह स्थिति है

    • सबसे व्यस्त बाजार पीरोड व सीसामऊ बाजार की सड़क 40 फीट है लेकिन अतिक्रमणकारियों ने 20 फीट की कर दी है। इस रास्ते से रोज एक लाख वाहन गुजते है।
    • गुमटी बाजार 80 फीट है लेकिन अतिक्रमम के कारण बचती 30 फीट
    • लालबंगला बाजार की स़ड़क 120 फीट है लेकिन अतिक्रमण के कारण बची 40 फीट
    • बेकनगंज बाजार 60 फीट वह अतिक्रमण के चलते 20 फीट तक बची है।
    • कल्याणपुर पनकी रोड 120 फीट रोड अतिक्रमण के चलते क्रासिंग के पास 20 फीट ही बची है।

     

    वाहनों की बढ़ती संख्या

    • वर्ष2016 में कुल वाहन करीब 9 लाख थे
    • वर्ष 2025 में वाहन 18.60 लाख हो गए
    • वर्ष 2018 तक ई रिक्शा चार हजार थे
    • वर्ष 2025 तक करीब एक लाख ई रिक्शा हो गए
    • वर्ष2016 तक आटो चार हजार थे
    • वर्ष 2025 तक आटो 15 हजार हो गए।

     

    • शहर को व्यवस्थित करने को ट्रैफिक सिपाही - 455 अफसर व सिपाही
    • शहर की स्थिति के हिसाब से - चार हजार यातायात सिपाही होने चाहिए

     

    समस्या आती है

    सबसे बड़ी समस्या आपातकालीन सेवाएं है। संकरे रास्ते और जाम में फंस जाते है समय पर सुविधा लोगों को नहीं मिल पाती है।कई बार एंबुलेंस फंसने से मरीज की जान चली गयी।एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों को समय पर निकलने में कठिनाई होती है।

     


    शहर का सुंदरीकरण बिगड़ रहा

    चौड़ी और व्यवस्थित सड़कें होने से शहर की छवि बढ़ती है और व्यापार भी बढ़ता है।

     

    अतिक्रमण हटोन के लिए हो सर्वे और कार्रवाई

    नगर निगम और पुलिस मिलकर एक सर्वे करे और एक इलाके से अतिक्रमण हटना शुरू हो। फिर से कब्जा करने वालों का सामान जब्त करने के साथ ही रोज जुर्माना लगाया जाए।

     

    वेडिंग जोन बनाए जाए

    छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वैकल्पिक स्थान देने की योजना बनाई जाती है। इनको चिह्नित कर लिया जाए इसके बाद बिना रजिस्ट्रेशन के बाद ठेले लगाता है तो कार्रवाई की जाए।

     

    सड़कों के निर्माण में रखे ध्यान

    अतिक्रमण हटने के बाद सड़क का चौड़ीकरण किया जाए।जरूरत के हिसाब से थोड़ा ऊंचे और कम चौड़े फुटपाथ बनाए जाए ताकि कोई अतिक्रमण न कर सके।

     

    जाम से बढ़ता असर

    अतिक्रमण और जाम के चलते लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ईधन की बर्बादी होती है। रोजगार पर भी असर बढ़ता है। माल में सुविधा होने के कारण लोग माल जाते है।

     

    यह भी सबसे बड़ा कारण

    • स्थानीय विरोध और राजनीतिक दबाव
    • कई बार जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों का विरोध भी अफसरों को झेलना पड़ता है।

     

    विभागों में समन्वय की कमी

    नगर निगम, पुलिस और केडीए में तालमेल न होने सबसे बड़ा कारण है।

     

    जनता बोली

     

    सड़क पर शाम को निकलना मुश्किल हो जाता है। फुटपाथ के साथ ही सड़क भी गायब हो गयी है। रोज फंसते है। जाम के कारण बच्चे स्कूल से देर से आ पाते है। सड़क चौडी़ की जाए और अतिक्रमण हटाया जाए।
    गीता निगम, गृहणी

     

    शहर का शायद ही कोई कोना होगा जहां पर अतिक्रमण न हो। वाहन भी दिनों दिन बढ़ते जा रहे है सबसे ज्यादा ई रिक्शों की अराजकता भी मुसीबत बनी है। रास्ते खाली हो और आबादी के हिसाब से चौडे़ हो।
    नित्यानंद पांडेय, अधिवक्ता

     

    बाजारों में कहीं भी पार्किंग नहीं है। सड़क पर वाहन खड़ा कर दो तो पुलिस चालान कर देती है।ऐसे में जनता जाएगा तो कहां जाए। पार्किंग की व्यवस्था हो। इसके चलते लोग माल में ज्यादा जाना पंसद कर रहे है।
    अंजली श्रीवास्तव, कारोबारी

     

    एक भी जगह का फुटपाथ नहीं बचा है।दुकानदारों ने या तो शोरूम बना दिया है या फुटपाथ बेच दिए है।इसके बाद सड़क पर ठेले वाले खड़े होते है फिर वाहन खड़े हो जाते है। 30 फीट की स़कें 10 ही फीट बचती है।
    गंगन बाजेपयी, नौकरी

     


    ये हैं जिम्मेदारी

    नगर निगम

    जोन प्रभारी - जोन एक विद्यासागर, जोन दो विजय कुमार, जोन तीन ध्रुव कुमार यादव, जोन चार राजेश सिंह, जोन पांच अनुपम त्रिपाठी और जोन छह रवि शंकर यादव
    केडीए
    प्रवर्तन प्रभारी जोन एक ए सीपी पांडेय, जोन एक बी डा रवि प्रताप सिंह, जोन दो ए संदीप मोदनवाल, जोन दो बी अजय कुमार, जोन तीन बृजेन्द्र उपाध्याय और जोन चार अतुल राय

     

    जिम्मेदार बोले

    अतिक्रमण हटाने के लिए सभी जोनल प्रभारियों को कहा है साथ ही सड़क घेरने वालों पर जुर्माना लगाया जाए।जोन छह में चार लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अतिक्रमण हटाने के साथ ही सामान भी जब्त होगा। इसके अलावा सीएम ग्रिड के तहत पहले चरण में 10 सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। वेंडिंग जोन को लेकर भी बैठक की जाएगी।
    अर्पित उपाध्याय , नगर आयुक्त

     


    लगातार अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है।अवैध प्लाटिंग तोड़ी गयी। बिना पार्किंग के बने व्यावसायिक निर्माणों को जोनवार नोटिस दी गयी है पार्किंग की व्यवस्था करें और शमन कराए। इसको लेकर केडीए को छह भागों में बांट दिया है ताकि प्रभावी कार्रवाई हो सके।
    मदन सिंह गर्ब्याल, उपाध्यक्ष केडीए

     

    जनप्रतिनिधि बोले

     

    वेंडिंग जोन को लेकर अफसरों के साथ बैठक की जाएगी। कई जगह बनाए भी है। साथ ही अतिक्रमण को लेकर लगातार अभियान चलाया जाएगा। कई बार तो वह खुद भी खड़े होकर अतिक्रमण हटा चुकी है। अतिक्रमण न लगे इसके लिए पुलिस की भी जिम्मेदारी है।पुलिस आयुक्त से बात की जाएगी।
    - प्रमिला पांडेय, महापौर

     

     


    पहला फोकस शहर के अतिक्रमण को हटाने के साथ ही सड़कों को चौ़ड़ा किया जाए। इसके अलावा ठेले वालों को व्यवस्थित किया जाए तो उनका रोजगार भी सुरक्षित रहेगा और शहर की यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त रहेगी।इसको लेकर नगर निगम, केडीए और पुलिस संयुक्त अभियान चलाए।
    मोहम्मद हसन रूमी, विधायक सपा