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    करोड़पति बना दूंगा....सपना दिखा ठग लिए दो करोड़, सुप्रीम कोर्ट से लेकर RBI, PMO का नाम लेकर फंसाया जाल में

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 11:30 PM (IST)

    कानपुर में एक मेडिकल स्टोर संचालक को दो करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने खुद को आरबीआई में 44 करोड़ रुपये की बिटकॉइन राशि ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, कानपुर। एक मेडिकल स्टोर संचालक ने अपनी विटकाइन की करीब 44 करोड़ रुपये की रकम को आरबीआई में फ्रीज होने का झांसा देकर कई लोगों को शिकार बनाकर दो करोड़ रुपये की ठगी कर ली। लालच में फंसे लोगों से फर्म का रजिस्ट्रेशन, पैन कार्ड, सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट , जीएसटी आदि के नाम पर अगस्त 2021 से नवंबर 2025 तक दो करोड़ की रकम ठग ली। जिसमें आरोपित ने अपने खाते मे एक करोड़ पच्चीस लाख के अलावा 75 लाख रुपये की नकदी ली।

    मामले की जानकारी के बाद पीड़ित ने चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है, वहीं जांच में आरोपित के खाते में करीब एक लाख रुपये की रकम शेष बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, वहीं उसके साथी की तलाश कर रही है, जो ठगी के खेल में शामिल पीड़ितों से पीएमओ का अधिकारी बनकर फोन करता था।

    चकेरी के गिरिजा नगर निवासी उमाशंकर ने बताया कि उनकी पहचान अहिरवां सैनिक नगर के राजा मार्केट निवासी आरोपित आदित्य सिंह से हुई। जिसका गिरिजा नगर में ही मेडिकल स्टोर है। आरोपित ने उन्हें बताया कि उनकी हिमांचल प्रदेश में एलोपैथिक दवा बनाने की दो फैक्ट्रियां चलती हैं। बताया कि उन्होंने बीस साल पहले विटकाइन (क्रिप्टोकरेंसी) खरीदी थी। जो अब बढ़कर करीब चवालिस करोड़ रुपये हो गई है, पर कुछ नियमों के चलते उनकी यह रकम आरबीआई ने फ्रीज कर रखी है।

    बताया कि इस मामले में उनका सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा था, जिसे वह जीत गया है। अब यह रकम को रिलीज कराने के लिए एक फर्म बनानी पड़ेगी। जिसमें वह भी पार्टनर बन सकते हैं। पर, इस काम के लिए बहुत ही भरोसे के लोग होने चाहिए। फिर , आरोपित आदित्य ने उन्हें सुप्रीमकोर्ट समेत आरबीआई के कई प्रपत्र भी दिखाए। जिसपर वह आरोपित आदित्य की बातों के झांसे में आ गए।

    फिर, आरोपित ने उनकी एसएसआरए ग्रुप नाम से फर्म बनवाई। जिसमें उमाशंकर ने अपने कुछ साथियों को भी कंपनी से जोड़ा। इसमें कुछ टैक्स आदि भी भरवाया। जिससे कंपनी की वैल्यू बढ़ी दिखे। फिर आदित्य ने फर्म का रजिस्ट्रेशन, पैन कार्ड, सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट , जीएसटी आदि के नाम पर हम सभी से अगस्त 2021 से नवंबर 2025 तक दो करोड़ की रकम ठग ली। जिसमें आरोपित के श्यामनगर स्थित एक बैक के खाते में एक करोड़ पच्चीस लाख के अलावा 75 लाख रुपये की नकदी ली।

    उमाशंकर के अनुसार इस काम के लिए उन्होंने अपना सनिगंवा पुलिस चौकी के पास स्थित अपना प्लाट, जेवरात बेचकर उसे दिया। उमाशंकर के अनुसार इस काम में आरोपित ने साथी को पीएमओ का अधिकारी रोहित यादव नाम बताकर काम में सहयोग करने का भरोसा दिया। जो, उनसे फोन पर बात करता रहा, लेकिन कभी मिला नहीं। बताया कि इस साथी आरोपित ने भी कई फर्जी दस्तावेज उन्हें मेल (PMO NEW DELHI@hotmail.com newdelhipmo@gmail.com) के जरिए दिए।

    मामले में चकेरी थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्र ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपित आदित्य को गिरफ्तार किया है, वह अपने एक साथी को ही पीएमओ को अधिकारी बताकर फोन से बात करवाता था, वह भी थाना क्षेत्र का ही है। उसकी भी तलाश की जा रही है। वहीं, आरोपित आदित्य के बैंक खाते में महज एक लाख रुपये ही बचे थे। मामले में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है।