साइबर लुटेरों का आतंक, कानपुर जोन में साल भर में 45.95 करोड़ की ठगी
कानपुर जोन में एक साल में 45.95 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई, जिसमें 650 मुकदमे दर्ज कर 353 ठगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने 11.65 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कानपुर जोन वैसे तो हर बार रिकार्ड बनाता है, लेकिन बढ़ते साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक नहीं कर सका। वर्ष 2025 में 45.95 करोड़ की ठगी हुई। वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में 317 मुकदमे भी ज्यादा लिखे गए। वर्ष 2025 में एनसीआपी पोर्टल पर साइबर अपराध की 15604 शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि 650 मुकदमे लिखे गए।
वहीं, अधिकारी का दावा है कि इन रकम में 11.65 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए हैं और 2.76 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस भी दिला दिए गए हैं। वहीं, महिला संबंधी अपराध में भी ज्यादा कमी नहीं आई। पिछले साल की तुलना में पाक्सो और अपहरण के मामलों में मात्र एक-एक प्रतिशत की कमी आई है।
अपराध घटना पिछले साल की तुलना में
एडीजी कानपुर जोन आलोक सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 के अपराध की तुलना में वर्ष 2025 में अपराध घटा है। इसके साथ ही सालभर में 425 माफिया पर कार्रवाई करते हुए 24 पर रासुका, 282 अपराधियों पर गैंग्स्टर, 259 पर गुंडा एक्ट और 268 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। अपराधियों की अवैध तरीके से अर्जित की गई 1144 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की गई। इसमें फर्रुखाबाद के माफिया अनुपम दुबे की 241 करोड़ की संपत्ति, झांसी के माफिया दीप नारायण उर्फ दीपक यादव की 573 करोड़ की और कन्नौज के नवाब सिंह की 20 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। विभिन्न अपराधों में संलिप्त बदमाशों पर भी शिकंजा कसा है।
साइबर ठगी के 650 केस
वहीं, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल साइबर ठगी के 650 मुकदमों में 353 ठगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि वर्ष 2014 में 313 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिसमें 101 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इसमें लगभग 2.70 करोड़ रुपये फ्रीज कराए व लगभग 70 लाख रुपये बरामद कराए थे।।
अपराध के तुलनात्मक आंकड़े
- अपराध- वर्ष 2024 - 2025
- लूट- 36- 22
- हत्या- 168- 148
- बलवा- 46-41
- वाहन चोरी-696-568
- कुल चोरी- 1361-1169
- गोवध अधिनियम-20-16
- दुष्कर्म- 114-76
- पाक्सो-562-555
- शीलभंग- 356-323
- अपहरण-693-685

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