Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    IIT Kanpur के लिए गौरव भरा क्षण, तीन प्रोफेसरों को मिला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 10:33 PM (IST)

    आईआईटी कानपुर के तीन प्रोफेसरों को प्रतिष्ठित सम्मान मिले हैं। प्रो. अमित अग्रवाल और प्रो. योगेश चौहान को इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज का फेलो चुना गया। व ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    जागरण संवाददाता, कानपुर। आईआईटी कानपुर के दो विज्ञानियों प्रो. अमित अग्रवाल और प्रो. योगेश चौहान को इंडियन अकेडमी आफ साइंसेज का फेलो बनाया गया है। जबकि प्रो. संजय मित्तल को प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान की श्रंखला में एपीएससीएम कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स अवार्ड दिया गया है। आइआइटी निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने इसे संस्थान की उपलब्धि और गौरव का क्षण बताया है।


    इंडियन एकेडमी आफ साइंसेज (आइएएससी) के फेलो के तौर पर चयन को भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के प्रतिष्ठित सम्मान में शुमार किया जाता है। यह उन विज्ञानियों को दिया जाता है जो अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के साथ लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। प्रो. अमित अग्रवाल , सैद्धांतिक कंडेंस्ड मैटर क्षेत्र में काम करने वाले भौतिक विज्ञानी हैं। कम-आयामी प्रणालियों में क्वांटम मल्टी-बाडी प्रभावों और परिवहन गुणों पर विशिष्ट काम के लिए उनकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। टोपोलाजिकल सामग्री और नैनोस्केल डिवाइस माडलिंग में उनके शोध ने हाल ही में उन्हें 2025 का प्रतिष्ठित विज्ञान युवा शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार दिलाया।


    प्रो. योगेश सिंह चौहान (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) विभाग में हैं और सेमीकंडक्टर डिवाइस माडलिंग के विशेषज्ञ हैं। मोबाइल फोन, 5जी तकनीक और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में एकीकृत सर्किट का डिजाइन करने के लिए उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचाना जाता है।



    आईआईटी के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर संजय मित्तल को एशिया पैसिफिक एसोसिएशन फार कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स (एपीएसीएम) द्वारा प्रतिष्ठित 'कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान आस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में आयोजित '9वीं एशिया-पैसिफिक कांग्रेस आन कंप्यूटेशनल मैकेनिक्स (एपकाम 2025)' के उद्घाटन समारोह में दिया गया है। यह सम्मान हर तीन साल में केवल एक बार दिया जाता है इसलिए भी यह वैश्विक स्तर पर अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान है।


    प्रोफेसर मित्तल का शोध उन्नत गणित और तीव्र गति वाले विमानन (एयरोस्पसे) के बीच के महत्वपूर्ण संयोजन पर आधारित है। उन्होंने कंप्यूटर सिमुलेशन के माध्यम से तरल पदार्थों की गतिशीलता और विमानों की संरचनात्मक मजबूती को समझने के तरीकों को नई दिशा दी है।