Health Alert: भूलकर भी Vitamin C को न करें इग्नोर, ओपीडी में बढ़ते मरीजों में दिख रहे इस लक्षण से डॉक्टर चिंतित
Health Alert: कानपुर के एलएलआर अस्पताल की ओपीडी में 70% मरीजों में विटामिन सी की कमी पाई जा रही है। इससे प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के साथ त्वचा, बाल ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। Sehat Ki Baat: सर्दी के मौसम में विटामिन डी की तरह विटामिन सी की कमी ओपीडी में आ रहे 70 प्रतिशत मरीजों में मिल रही है। इसकी कमी से प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने के साथ ही शारीरिक कमजोरी, थोड़े से काम में थकान, ड्राई स्क्रिन, बाल का टूटना, मसूड़ाें में सूजन, जोड़ों में दर्द, बार-बार सर्दी-जुकाम, एनीमिया का संकेत और भूख में कमी जैसी समस्याएं लेकर मरीज लगभग हर विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। सर्दी में विटामिन सी की कमी से शिशु, किशोर, वयस्क और बुजुर्गों में सामने आ रही समस्याओं पर पढ़ें जागरण संवाददाता अंकुश शुक्ल की रिपोर्ट...
त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डा. डीपी शिवहरे ने बताया कि विटामिन सी की कमी की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता है। लेकिन यह विटामिन कई बीमारियों का कारण बनता है। खासतौर पर सर्दियों में विटामिन सी एस्कार्बिक एसिट की कमी नुकसानदायक है। यह एक शक्तिशाली एंटीआक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को मजबूती प्रदान करता है। विटामिन सी शरीर में कोलेजन बनाता है। यह सेल्फ रिपेयर होता है और घाव व त्वचा की मरम्मत करता है।
इस वजह से आ रही कमी
बाल रोग विभाग के डा. अमितेश यादव ने बताया कि फास्ट फूड कल्चर और होटल रेस्टोरेंट में खाना खाने के कल्चर से वर्तमान समय में ज्यादातर लोगाें में विटामिन सी की कमी मिल रही है। इसकी कमी के मामले सर्दी में अधिक बढ़ने लगते हैं। फल और सब्जियों से दूरी तथा जंक फूड पसंद करने वालों में विटामिन सी की कमी हृदय, दिमाग को भी प्रभावित कर रहा है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवतियों में विटामिन सी की कमी होने पर गंभीरता का खतरा बढ़ जाता है।
विटामिन सी की कमी से होने वाले नुकसान
- प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने से सर्दी और जुकाम का खतरा।
- विटामिन सी की कमी से चिड़चिड़ापन और सुस्ती बनी रहती है।
- त्वचा रूखी, बेजान हो जाती है और घाव नहीं भरता है।
- मसूड़ों से खून आने की समस्या हो सकती है।
- हड्डियों और कार्टिलेज को मजबूत रखने के लिए विटामिन सी जरूरी है। इसकी कमी से सर्दियों में जोड़ों की सूजन बढ़ जाती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- आंवला, अमरुद, संतरा और मौसमी फल तथा सब्जियों का सेवन करें।
- शराब व स्मोकिंग से बचें।
- जंक फूड कम खाएं।
- अधिक तेल और मसालेदार खाने से बचें।
- गरिष्ठ भोजन से बचें।

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