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कानपुर में पूर्व राज्यमंत्री ने इटावा के कारोबारियों को बंधक बना पीटा, रुपये लेने के बहाने बुलाकर की वारदात

Published: Mon, 01 Dec 2025 08:02 PM (GMT+05:30)

कानपुर में पूर्व राज्यमंत्री सतीश पाल पर इटावा के कारोबारियों को बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगा है। कारोबारियों का ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बर्रा थानाक्षेत्र का मामला, विवादित जमीन बेचकर रुपये हड़पने का भी आरोप

  2. कारोबारी की तहरीर पर पूर्व राज्यमंत्री समेत तीन नामजद व दस पर मुकदमा

जागरण संवाददाता, कानपुर। बसपा सरकार में राज्यमंत्री रहे सतीश पाल के खिलाफ इटावा के कारोबारियों ने बंधक बनाकर पीटने और धमकाने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि पूर्व राज्यमंत्री ने उन्हें विवादित जमीन बेचकर 45 लाख रुपये हड़प लिए। रकम वापस मांगने पर बहाने से घर में बुलाकर लोहे की राड और डंडों से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


इटावा के फ्रेंडस कालोनी थानाक्षेत्र में भरथना चौराहे के पास रहने वाले टाइल्स कारोबारी अतुल गुप्ता, इटगांव के कमलेश बाबूू और चौगान निवासी मनोज कुमार आपस में दोस्त हैं। अतुल के मुताबिक चार साल पहले उन लोगों ने पूर्व राज्यमंत्री से कानपुर देहात के झींझक में छह बीघा जमीन खरीदी थी, जिसका रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करने के बाद उनके खाते में 45 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। बाद में पता चला कि जमीन विवादित है। इस पर सतीश पाल से रकम वापस मांगी तो कहा कि वह वर्तमान में सत्तादल में है। जल्द ही विवाद खत्म करा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इस पर फिर रकम वापसी के लिए दबाव बनाया।

 

रविवार को सतीश ने उन्हें रकम लौटाने के बहाने छेदी सिंह का पुरवा स्थित घर पर बुलाया था। आरोप है कि घर के अंदर पहुंचने के बाद उन्हें और उनके दोनों साथियों को सतीश पाल, दिनकर पाल, रामनरेश और दस अन्य लोगों ने मिलकर घर के अंदर बंधक बना लिया। इसके बाद उन्हें लोहे की राड और डंडों से जमकर पीटा गया, जिसमें उन्हें और उनके साथियों को गंभीर चोटें आईं। उनका मोबाइल भी तोड़ दिया। इसके बाद सतीश ने रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

 

पीड़ितों ने यह भी दावा किया कि पूरी घटना सतीश पाल के घर में लगे सीसी कैमरों में कैद हुई है। वहीं, इस मामले में आरोपित पूर्व राज्यमंत्री का पक्ष जानने के लिए उन्हें कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी जवाब नहीं मिला। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पीड़ितों के आरोपों के आधार पर मेडिकल कराकर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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