कड़ाके की सर्दी में बढ़े गठिया और जोड़ों के दर्द के मरीज, कानपुर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ ने दी अहम सलाह
कानपुर में सर्दी में आर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द के मामले बढ़े हैं। उर्सुला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि रक्त संचार धीमा ...और पढ़ें

दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में पाठकों के सवालों का जवाब देते उर्सुला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. आशीष मिश्रा। जागरण
जागरण संवाददाता, कानपुर। सर्दी के मौसम में आर्थराइटिस (गठिया) और जोड़ों के दर्द से ग्रसित मरीजों की संख्या कई गुणा बए़ गई है। सर्दी में रक्त संचार धीमा होने के कारण मांसपेशियां और जोड़ सख्त हो जाने से जकड़न, सूजन और दर्द के मामले लेकर ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। हड्डी के जोड़, आर्थराइटिस, गर्दन, कमर दर्द के मामलों में लंबे समय तक बिना डाक्टर की सलाह के स्टेराइड दवा का सेवन दर्द को बढ़ा रहा है और हड्डियों के क्षरण का कारण बना हुआ है।
कूल्हा प्रत्यारोपण के ज्यादातर मरीजों में लंबे समय तक स्टेराइड दवा के प्रयोग से समस्या मिली है। यह बातें दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर में उर्सुला अस्पताल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. आशीष मिश्रा ने पाठकों के सवालों का उत्तर देते हुए कही। पेश है मुख्य अंश...
- लिगामेंट का आपरेशन कराया था। तब से घुटनों का दर्द और बढ़ गया है?- अर्चना श्रीवास्वत, किदवई नगर। वेद प्रकाश गुप्ता, बारासिरोही।
- लिगामेंट के आपरेशन के बाद इस प्रकार की समस्या हो सकती है। गठिया बनने के कारण भी ऐसा हो सकता है। एक बार उर्सुला अस्पताल की आर्थो ओपीडी में दिखा लें। एक्सरे जांच के बाद आपकी समस्या का निदान किया जा सकेगा। घुटनों के दर्द से राहत के लिए सर्दी में गर्म कपड़े पहनें। गठिया की ज्यादातर समस्या सर्दी में बढ़ती है।
- सर्दी में आर्थराइटिस, कमर और गर्दन के दर्द से कैसे बचाव करें? - जय प्रकाश तिवारी, बर्रा एक। सूरज सिंह राठौर, गुजैनी।
- उम्र बढ़ने के साथ हड्डी और मांसपेशियों की समस्या होना आम बात है। सर्दी में हड्डी व जोड़ों का दर्द कई गुणा तक बढ़ जाता है। सही दिनचर्या और खान-पान से हड्डी की समस्या से बचा जा सकता है। शारीरिक गतिविधियों को बेहतर करें। खान-पान में विटामिन वाले खाद पदार्थ का सेवन करें। धूप में जरूर बैठे और भारी समान उठाने से बचें और सर्दी में ठंड के संपर्क में सीधे नहीं आएं। डाक्टर की बिना सलाह के स्टेराइड दवा का सेवन कतई नहीं करें। संभव हो तो साइकिलिंग करें यह संपूर्ण शरीर के जोड़ों की दवा है।
- लंबे समय से पीठ, गर्दन और कमर में दर्द की समस्या है। क्या करें? - राजेंद्र पाल, पनकी सरायमीता।
- लंबे समय से पीठ, गर्दन और कमर में दर्द की समस्या है तो निश्चित ही यह नसों के दबाव के कारण हो सकता है। एक बार आप एमआरआइ जांच कराकर दिखा लें। रिपोर्ट के आधार पर ही आपकी समस्या देखकर दवा और सर्जरी की सलाह दी जाएगी।
- डायबिटीज का मरीज हूं, जोड़ों के दर्द से परेशान हूं? - राम अवतार, जूही। टीएन चतुर्तेदी, निराला नगर। निर्मल सिंह सिसोदिया, अन्ना चौराहा।
- अनियंत्रित और लंबा डायबिटीज हड्डियों के लिए नुकसान होता है। गठिया के कारण भी आपके घुटनों में दर्द होता है। इसकी अनदेखी करने से हड्डियों का क्षरण हो सकता है। इस प्रकार के दर्द में मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खाने से बचें। स्टेराइड के कारण हड्डियों का नुकसान बढ़ सकता है। ऐसे में डाक्टरी की सलाह पर ही दवा का सेवन करें।
- कमर और गर्दन में दर्द से परेशान हूं, क्या करें? - रमा अग्रवाल, किदवई नगर। मंजू मिश्रा, शुक्लागंज।
- 71 वर्ष की उम्र में हड्डियों का कमजोर होना शुरू हो जाता है। जो हड्डियों को कमजोर कर आस्टियोपोरेसिस का रोगी बना रहा है। ऐसे में किसी हड्डी के डाक्टर को दिखा लें। हड्डियों के दर्द को अनदेखा करने से समस्या बढ़ जाती है। इसलिए हड्डी रोग विशेषज्ञ की सलाह पर ही इलाज करें। हड्डियों के दर्द में बिना सलाह पेन किलर नुकसानदायक है।
- सात महीने से पैर के जोड़ों में दर्द रहता है। अब चलने में समस्या हो रही है? - ललित तिवारी, श्याम नगर। श्रीकृष्ण यादव, चकेरी। मंजू, श्याम नगर।
- 50 वर्ष के बाद घुटनों में गठिया बनने का खतरा बढ़ जाता है। जोड़ों की चिकनाई कम होने से घुटने घिसने लगते हैं। इसमें स्टेराइड का सेवन और दर्द नाशक दवा नुकसानदायक है। इसलिए एक बार हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखा लें। जांच के बाद गठिया की स्थिति देखकर पीआरपी थेरेपी देकर उपचारित किया जाएगा।
- जिम जाता हूं, कई दिनों से जोड़ों में दर्द हो रहा है? - आदित्य प्रताप सिंह, किदवई नगर।
- जिम में अधिक भार उठाने के कारण जोड़ों में दर्द हो सकता है। हालांकि यह बहुत कम मामलों में होता है। जोड़ों में दर्द ज्यादातर मामलों में गठिया पनपने के कारण होता है। आप एक बार उर्सुला अस्पताल की ओपीडी में दिखा लें। जहां पर एक्सरे जांच करके आपके घुटनों की स्थिति को देखा जा सकता है।
- कमर में दर्द रहता है, सर्दी के दिनों में बढ़ जाता है। क्या करें? - राम किशोर यादव, विजय नगर।
- अधिक उम्र में हड्डियों के साथ मांसपेशियां कमजोर होने लगती है। विटामिन बी 12, डी थ्री की कमी के साथ हड्डियों में तरल की कमी होने लगती है। जो दर्द का कारण बनती है। इससे बचाव के लिए शारीरिक गतिविधियां करते रहें। हल्का योग और प्राणायाम करें। ऐसा करने से आपकी मांसपेशियों मजबूती होंगी। एक बार उर्सुला अस्पताल में दिखा लें।
- कई साल से सर्वाइकल दर्द से परेशान हूं, अब दर्द बढ़ रहा है। क्या करें? - पीसी पाठक, पनकी।
- सर्वाइकल का दर्द नसों में दबाव के कारण होता है। लंबे समय तक इसकी अनदेखी करने से गर्दन मुड़ना बंद हो सकती है। एक बार एमआरआइ जांच कराकर डाक्टर को दिखा लें। तब तक भारी वजन उठाने से बचें, गले में सर्वाइकल पट्टा लगाए और मोबाइल और लैपटाप में लंबे समय तक कम करने से बचें। गर्दन को ज्यादा तक झुका रखने से सर्वाइकल की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए ऐसा करने से बचें।
- मीनोपाज के बाद क्या हड्डियों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है? - सीता गोविंद नगर।
- जी हा। मीनोपाज शरीर के हार्मोनल तंत्र में समस्या आने लगती है। इस कारण हड्डियों की कमजोरी होने लगती है। ऐसे में आप एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखा लें। मीनोपाज महिलाओं में हड्डियों की कमजोरी के साथ ही मानसिक रोग का भी कारण बनता है। उर्सुला अस्पताल में हार्मोंस रिप्लेसमेंट थेरेपी देकर इस प्रकार को दूर किया जा रहा है। इस थेरेपी की मदद से हड्डियों की कमजोरी और दर्द लाभ पहुंचाया जा रहा है।
इन्होंने किए प्रश्न
आदित्य प्रकाश, नौबस्ता। मो. राशिद, नई सड़क। डा. रोहित सिंह, बर्रा। एसएस शुक्ला, श्याम नगर। श्याम लाल, लाल बंगला। पूजा अग्निहोत्री, शास्त्री नगर। भूवन जोशी, बर्रा। पूनम, बर्रा। साकेत मोहन तिवारी, बर्रा सात। बद्री प्रसाद ओमर, यशोदा नगर। पुष्कर यादव, उत्तराीपुरा। शिरोमणि सिंह, गीतानगर। मनीष कुमार, रामादेवी। अमित, नवाबगंज।
सर्दी के दिनों में इन बातों का रखें ख्याल
- सर्दी से बचाव करें। जोड़ों को गर्म कपड़ों से सुरक्षित करें।
- पानी की कमी शरीर में न होने दें। तीन-चार लीटर पानी पिएं।
- फास्ट फूड खाने से बचें। यह शरीर में पोषक की कमी करता है।
- शारीरिक श्रम, योग और प्राणायाम करें।
- खासतौर पर महिलाएं घरेलू काम-काज करें।
- बिना डाक्टर की सलाह के दर्द की दवा नहीं खाएं।

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