विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP board Exam result: इंटर की छात्रा ने परीक्षा में लिखी ऐसी इमोशनल अपील, दलील सुन शिक्षक भी नहीं रोक सके अपनी हंसी

Published: Wed, 20 Mar 2024 07:18 AM (IST)

UP board Exam and result updates यूपी बोर्ड की हाइस्कूल व इण्टरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन कर रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं ...और पढ़ें

UP board Exam and result updates: शिक्षक-शिक्षिकाओं का मनोरंजन भी भरपूर कर रही हैं।
UP board Exam and result updates: शिक्षक-शिक्षिकाओं का मनोरंजन भी भरपूर कर रही हैं।

HighLights

  1. छात्रा ने पास होने के लिए नहीं, 90 अंक के साथ मेरिट में आने के लिए लिखा भावुक नोट
  2. एक छात्र ने कहा-पुस्तक खरीदने को पैसे ही नहीं थे

 जागरण संवाददाता, झांसी। UP board Exam and result updates सालभर पढ़ाई को हंसी-मजाक में उड़ाते रहे हाइस्कूल व इण्टरमीडिएट ने उत्तर पुस्तिकाओं प्रश्नों के उत्तर लिखे तो शिक्षकों के लिए भावुक अपील भी लिखी हैं। पास नहीं होने पर कोई जान देने की चेतावनी लिख गया है तो किसी ने शिक्षकों की मान-मनुहार की है, लेकिन इण्टर की एक छात्रा ने अच्छा पेपर दिया और अंक भी प्रथम श्रेणी के अर्जित किए, लेकिन उसने भी 90 फीसदी अंक देने के लिए इमोशनल अपील की।

यूपी बोर्ड की हाइस्कूल व इण्टरमीडिएट परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन कर रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं का मनोरंजन भी भरपूर कर रही हैं। अभी तक छात्र-छात्राएं पास होने के लिए नम्बर देने की बात करते हैं, लेकिन अब मेरिट में आने के लिए अतिरिक्त नम्बर मांग रहे हैं। आर्ट विषय से इण्टर कर रही एक छात्रा ने अच्छे अंक प्राप्त किए, लेकिन अन्तिम पेज में एक भावनात्मक नोट लिखकर शिक्षिकाओं के चेहरे पर हंसी भी ला दी।

छात्रा ने लिखा-"ज्यादा इमोशन बातें तो नहीं करना चाहती, एक दिन पहले नाना खत्म हो गए, इसीलिए अच्छा नहीं पढ़ पायी। आप 90 फीसदी अंक दे दीजिए, जिससे मेरिट में आ सकूँ।" छात्र भी छात्राओं से पीछे नहीं है। इण्टर के ही एक छात्र ने लिखा- "उसके पास पढ़ने के लिए इस विषय की पुस्तक नहीं है। इसीलिए वह पढ़ नहीं पाया। पास होने के लिए नम्बर दे दीजिए।" इस तरह मूल्यांकन जैसे नीरस कार्य में भावनात्मक व मनोरंजक टिप्पणी शिक्षक-शिक्षिकाओं को भावुक करने के साथ गुदगुदा भी रही हैं।

इसे भी पढ़ें- अभ्यर्थियों को प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी मुख्य परीक्षा में सीधे मिलेगा प्रवेश, UPSSSC ने जारी की सूची

अब विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाएं उगलने लगीं नोट

इमोशन नोट के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं ने नोट उगलने भी शुरू कर दिए हैं। विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं में 100, 200 तथा 500 रुपए के नए नोट निकल रहे हैं। अधिकतर उत्तर पुस्तिकाओं में रुपए रखकर छात्र-छात्राएं कुछ लिख नहीं रहे हैं।

छात्रों को भरोसा है कि इमोशन नोट से अधिक काम नोट करेंगे। शुरूआती तीन दिन के बाद अब रुपए निकलने का सिलसिला शुरू हुआ है। कई शिक्षक इस तरह के नोट को चुपचाप रख लेते हैं, तो कई शिक्षक आपस में मिलकर खर्च भी कर देते हैं। मूल्यांकन में नोट का प्रभाव जरुर होता है, चाहे भावुक नोट हो या फिर बाजार के चलन में चलने वाला नोट।

मूल्यांकन की बढ़ी रफ्तार, 30 हज़ार उत्तर पुस्तिकाएं जांची

उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गति बढ़ गयी है। आज 762 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने 30,374 उत्तर पुस्तिकाएं की जाँच की। इसमें 16,916 हाइस्कूल तथा 13,458 इण्टर की उत्तर पुस्तिकाएं जाँची गयीं। इस तरह अभी तक 86,671 उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच कर ली गई है, जिसमें हाइस्कूल की 45,116 तथा इण्टर की 41,555 उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें- कुत्ते के मुंह में इंसानी हाथ लेकर घूमने के मामले में दो सुरक्षाकर्मी हटाए गए, KGMU का वीडियो हुआ था वायरल

अभी हाइस्कूल व इण्टरमीडिएट की 1,26,186 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना है। इधर, यूपी बोर्ड की चेतावनी के बाद भी 587 शिक्षक मूल्यांकन करने नहीं पहुँचे, जिसमें राजकीय इण्टर कॉलिज में 68, सूरज प्रसाद राजकीय बालिका इण्टर कॉलिज 51 तथा नैशनल हाफिज सिद्दीकी इण्टर कॉलिज में 468 शिक्षक मूल्यांकन करने नहीं पहुँचे।

भी तक शुरू नहीं हो रहा अंकेक्षण

यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद अंकेक्षण का कार्य भी कराता रहा है। पर, इस बार अंकेक्षण का कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। नाम न छापने की शर्त पर कई शिक्षकों ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के बण्डल को रस्सी से बांधकर (कच्चे बण्डल) उप प्रधान को दिए जाते थे।

इसके बाद अंकेक्षण यानि मूल्यांकन किए गए अंकों का जोड़ तथा मूल्यांकन में दिए गए नम्बरों की सरसरी निगाहों से जाँच की जाती थी। अंकेक्षण के बाद उप प्रधान बण्डलों को सील लगाकर (पक्के तौर) पर बन्द करते हैं। पर, इस बार परीक्षक से ही उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच के बाद बण्डल को सील करने को कहा जा रहा है। इस तरह इस बार अंकेक्षण का कार्य नहीं किया जा रहा है। विभागीय जानकारों का कहना है कि अंकेक्षण का कार्य मूल्यांकन के कुछ दिनों के बाद शुरू होता है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।