यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: ऑक्सीजन मास्क लगाकर तहसील पहुंचीं बुजुर्ग महिला, चार साल से नहीं मिल रही पेंशन
चार साल से पेंशन न मिलने से परेशान गोरखपुर की सुमिरती देवी शनिवार को सदर तहसील पहुंचीं। मुंह पर ऑक्सीजन ...और पढ़ें

HighLights
- सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पौत्र की गोद में पहुंचीं थीं सुमिरती देवी
- पति की जगह वर्ष 1996 में बिजली निगम में मिली थी नौकरी, वर्ष 2020 में हुई थी सेवानिवृत्त
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। चार वर्ष से पेंशन के लिए परेशान सिंहोरवा गांव की सुमिरती देवी शनिवार को सदर तहसील पहुंचीं। मुंह पर आक्सीजन मास्क लगाए सुमिरती देवी को गोद में उठाकर पौत्र अनिल यादव चल रहा था तो आटो चालक आक्सीजन सिलिंडर लेकर आगे बढ़ रहा था। एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी के सामने जब महिला पहुंचीं तो वह खुद भी दंग रह गईं।
तत्काल बिजली निगम के अभियंताओं से बात की गई। पता चला कि अलग-अलग रिकार्ड में महिला के तीन अलग-अलग नाम हैं। कोषागार से महिला को पत्र भेजा गया है। हालांकि पौत्र का आरोप है कि बिजली निगम के उप मुख्य लेखाधिकारी कार्यालय के एक लेखाकार ने 60 हजार रुपये की मांग की थी। रुपये न देने के कारण दौड़ाया जा रहा है।
पिपराइच थाना क्षेत्र के सिंहोरिया गांव की सुमिरती देवी के पति रामवृक्ष यादव बिजली निगम में लाइनमैन थे। उनकी तैनाती जगदीशपुर में थी। वर्ष 1996 में रामवृक्ष की मृत्यु के बाद सुमिरती देवी को विद्युत वितरण खंड प्रथम कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी मिली थी। 30 अप्रैल 2020 को वह सेवानिवृत्त हुई थीं। इसके बाद से अब तक पेंशन नहीं मिली है।
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तीन नाम हैं दर्ज
विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता हर्ष राज रस्तोगी ने बताया कि रामवृक्ष की मृत्यु के बाद पेंशनर के रूप में सिमिरिती देवी नाम दर्ज हुआ। आधारकार्ड में सिमीरता देवी और नौकरी के समय नाम सुमिरती देवी दर्ज है। सेवानिवृत्ति के बाद कोषागार से नाम को लेकर आपत्ति आई तो पत्र लिखा गया था। नाम ठीक कराने के लिए कई बार कहा जा चुका है। आरोप बेबुनियाद हैं।
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60 हजार रुपये मांग रहे हैं
महिला के पौत्र अनिल यादव का कहना है कि उप मुख्य लेखाधिकारी कार्यालय के एक लेखाधिकारी 60 हजार रुपये मांग रहे हैं। उनका कहना है कि रुपये मिल जाएंगे तो नाम में भिन्नता को ठीक करा देंगे और पेंशन शुरू हो जाएगी। पेंशन के लिए दादी को लेकर आना-जाना पड़ता है इस कारण स्नातक की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी के प्रबंध निदेशक कार्यालय पर भी जा चुका हूं।
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आरोप है कि अधिकारी ठीक से बात भी नहीं करते हैं। एक ने तो मोबाइल नंबर ही ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। कहा कि दादी को सांस लेने में दिक्कत होती है। स्वास्थ्य शनिवार को कुछ ठीक था इसलिए आक्सीजन लगाकर पहुंचे। कहा कि जल्द पेंशन न मिली तो मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में भी जाएंगे।
