Prabhat Pandey Death Case: राहुल गांधी ने प्रभात के पिता से की बात, कहा- हम हैं आपके साथ
Prabhat pandey Death Case कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने युवा कांग्रेसी प्रभात पांडेय के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके पिता से फोन पर बात की। राहुल गांधी ने परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि वे इस दुख की घड़ी में उनके साथ हैं। प्रभात पांडेय की मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

जागरण संवाददाता, सहजनवां (गोरखपुर)। Prabhat Pandey Death Case: युवा कांग्रेसी प्रभात पांडेय के लखनऊ में निधन से शोकाकुल पिता के कानों में जैसे ही राहुल गांधी की आवाज पड़ी, वह भावनाओं पर काबू नहीं कर सके। राहुल गांधी से मोबाइल पर वार्ता के दौरान फफक पड़े पिता ने कहा कि मेरा सब कुछ खत्म हो गया।
राहुल गांधी ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि मेरे और मम्मी की तरफ से आपके पूरे परिवार को प्यार, इस दुख की घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। कांग्रेस सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने युवा कांग्रेसी प्रभात पांडेय के स्वजन से मोबाइल पर बात करने की इच्छा जताई थी। सहजनवां, देईपार के ग्राम प्रधान चंद्रभूषण पांडेय का मोबाइल नंबर उनके निजी सचिव को उपलब्ध कराया गया था।
शुक्रवार की शाम 6:10 बजे निजी सचिव का फोन प्रधान के मोबाइल पर आया। प्रधान ने दीपक के घर पहुंचकर राहुल से बात कराई। राहुल गांधी ने कहा- दीपक जी नमस्कार, मैं राहुल बोल रहा हूं, बहुत सॉरी, क्या हुआ था। इतना सुनते ही दीपक फफक पड़े। आंसुओं की धारा आंखों से बहने लगे।
रोता सुनकर राहुल भी कुछ देर के लिए चुप हो गए। अपने संभालते हुए दीपक बोले- मैं कुछ नहीं बता सकता, हम क्या बताएं, हमारा तो चिराग ही खत्म हो गया, कमाई-धमाई का साधन, बुढ़ापे का सहारा, सब खत्म हो गया। अब क्या बचा है मेरे पास।
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राहुल ने कहा कि किसी भी चीज की जरूरत हो तो हमें या पार्टी वालों को बता देना। राहुल के दोबारा पूछने पर दीपक ने बताया कि एक से पांच बजे तक प्रभात का फोन रिसीव नहीं हो रहा था, लेकिन अचानक पांच बजे रिसीव हुआ, जिसमें बेहोश होने की बात कही गई।
राहुल गांधी- जागरण
छोटे भाई मनीष पांडेय को बताया तो सिविल अस्पताल लेकर गए लेकिन वहीं से अनहोनी की सूचना मिली। फिर राहुल गांधी सॉरी बोलते हुए कहते हैं कि बहुत दुःख की बात, मगर हम सब हैं आपके लिए। हमारा आपको, मम्मी को और और पूरे परिवार को प्यार। करीब तीन मिनट की वार्ता के बाद फोन कट गया।
इसके पहले कांग्रेस की जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने घर पहुंच मां माधुरी पांडेय से मिल कर सांत्वना दी। दोपहर के समय बस्ती के कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र पांडेय भी पहुंचे और पिता को सांत्वना दी।
प्रभात की मौत की जांच करेगी एसआइटी, एसीपी ने दर्ज किए बयान
कांग्रेस कार्यकर्ता प्रभात पांडेय की संदिग्ध हालात में हुई मौत की जांच एसआइटी (विशेष जांच टीम) करेगी। डीसीपी मध्य रवीना त्यागी ने पांच लोगों की टीम चुनी है। इसमें इंस्पेक्टर के साथ दो दारोगा और दो सिपाही होंगे। टीम का पर्यवेक्षण एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल करेंगे। दूसरी तरफ शुक्रवार को एसीपी हजरतगंज मुकदमा दर्ज कराने वाले मृतक के चाचा मनीष पांडेय और विवेचक शेर बहादुर सिंह के साथ कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे।
प्रभात पांडेय की फाइल फोटो- जागरण
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वहां जिस कक्ष संख्या 30 में प्रभात का शव मिला था, फिर से निरीक्षण किया। कमरे से एक इलेक्ट्रानिक उपकरण के डिब्बे को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा। कार्यालय इंचार्ज, चालक तथा चपरासी के बयान दर्ज किए। कमरे से बाहर पड़े मिले गद्दे: जिस गद्दे पर प्रभात का शव पड़ा हुआ था। वह गद्दा घटनास्थल वाले दिन ही वहां से हटा दिया गया था। पुलिस ने तलाशा तो सारे गद्दे कमरे से बाहर मिले। गद्दा वहां तक किसने पहुंचाया, यह सीसी फुटेज की मदद से चेक किया जाएगा।
यह है मामला
कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में बुधवार को विधान भवन का घेराव होना था। प्रदर्शन शुरू होने के बाद गोरखपुर निवासी प्रभात पांडेय कार्यालय के अंदर गए और वहां वह बेसुध पा गए थे।
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