Indian Railway News: पटरियों पर नहीं पहुंच पाएंगे जानवर व इंसान, तेज होगी ट्रेनों की रफ्तार
रेल लाइनों पर मानव और पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए 'सेफ्टी फेंसिंग' लगाई जा रही है। इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और दुर्घटनाएं कम होंगी। प्रथम चरण म ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेल लाइनों (पटरियों) पर अब न जानवर पहुंच पाएंगे और न इंसान। रेल लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता तो होगी ही, ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित नहीं होगा। रेल गाड़ियों की रफ्तार भी तेज हो जाएगी। ट्रेनों के निर्बाध संचालन के लिए रेल लाइनों के किनारे 'सेफ्टी फेंसिंग' (बाड़) लगाए जाएंगे।
प्रथम चरण में बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा 425 किमी मुख्य रेलमार्ग पर स्टील के 'सेफ्टी फेंसिंग' लगाने का कार्य तेज गति से शुरू हो चुका है। 208 किलोमीटर रूट पर 'सेफ्टी फेंसिंग' लगाने का कार्य पूरा हो चुका है, जिसमें लखनऊ मंडल में ही 161 किलोमीटर लगा है। आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर रेलवे के सभी रेलमार्गों को 'सेफ्टी फेंसिंग' से सुरक्षित किया जाएगा।
दरअसल, रेल लाइनों पर आए दिन पशुओं के कटने (सीआरओ) व मानव दुर्घटनाएं (एमआरओ) होती रहती हैं। ट्रेनें अपनी पूरी क्षमता से नहीं चल पाती। इधर, कोहरा बढ़ने के साथ एमआरओ और सीआरओ की घटनाएं बढ़ गई हैं। 31 दिसंबर को नौतनवा जा रही 15105 नंबर की छपरा-नौतनवा इंटरसिटी एक्सप्रेस के चपेट में आने से कैंपियरगंज- आनंदनगर के बीच लोहरपुरवा हाल्ट स्टेशन के पास 50 भेड़ों की मृत्यु हो गई।
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24 दिसंबर को नौतनवा से गोरखपुर आ रही 55072 नंबर की पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से एक नीलगाय सहित 10 गोवंशीय पशु मर गए थे। तीन पशु घायल हो गए थे। 'सेफ्टी फेंसिंग' लग जाने से मानव और पशुओं की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
रेलवे की भूमि पर अनावश्यक अतिक्रमण पर भी लगाम लगेगा। ट्रेनें रास्ते में बिना रुके चल सकेंगी। स्टील की सेफ्टी फेंसिंग लग जाने से सुरक्षा के साथ ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार भी 130 किमी प्रति घंटे हो जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे में सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत सहित अन्य सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें अभी भी अधिकतम 110 किमी की रफ्तार से ही चल रही हैं।
रेलवे ट्रैक पर अक्सर पशुओं के आ जाने के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। रेल लाइनों के किनारे सेफ्टी फेंसिंग लग जाने से पशुओं की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लग सकेगी। रेल भूमि पर अनावश्यक अतिक्रमण पर भी लगाम लगेगा। फलस्वरूप ट्रेनें अनुमन्य गति से निर्बाध रूप से संचालित हो सकेंगी। सेफ्टी फेंसिंग लगाने का कार्य प्रगति पर है।
- पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे

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