अगले माह से Gorakhpur Link Expressway पर फर्राटा भरने लगेंगे वाहन, पढ़िए इसकी खासियत और कब तक होगी लखनऊ की दूरी कम
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Link Expressway) पर जल्द वाहन दौड़ेंगे मार्च में लोकार्पण की तैयारी चल रही है। बेलघाट के पास एप्रोच को सुरक्षित करने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। सेतु निगम त्रिस्तरीय घेरा बना रहा है। लखनऊ से गोरखपुर की दूरी कम होगी। यहां 3.30 घंटे में लखनऊ पहुंचा जा सकेगा। एक्सप्रेसवे के किनारे बनेंगे दो यूटिलिटी सेंटर खुलेंगे जिसमें हर सुविधा मिलेगी।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर जल्द ही वाहन पूरी तरह फर्राटा भरने लगेंगे। अगले माह यानी मार्च में इस एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एवं उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया।
जनवरी के पहले सप्ताह में ही इसके लोकार्पण की तैयारी थी, लेकिन बेलघाट के पास सरयू नदी की धारा से एप्रोच कट जाने से इसे टालना पड़ा। एप्रोच सुरक्षित करने का काम अब आखिरी चरण में है। लखनऊ से ही पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और फिर आजमगढ़ के सलारपुर से शुरू हो रहे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव दोपहर ढाई बजे के करीब गोरखपुर पहुंचे।
उन्होंने बेलघाट के कम्हरियाघाट पुल के पास एप्रोच को सुरक्षित करने के लिए सरयू की धारा मोड़ने समेत तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे का निरीक्षण करने के बाद सहजनवां के पास भगवानपुर टोल प्लाजा के पास मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान कमिश्नर अनिल ढींगरा और सीडीओ संजय कुमार मीना समेत विभिन्न विभागाें के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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एप्रोच सुरक्षित को 198 करोड़ से तैयार हो रहा त्रिस्तरीय घेरा
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर बेलघाट के पास सरयू नदी की तेज धारा से एप्रोच को सुरक्षित करने के लिए सेतु निगम, त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार कर रहा है। एप्रोच के पास नदी में पहले दीवार की तरह शीट पाइल लगाई जा रही है, इसके बाद टेक्सटाइल ट्यूब लगाई जा रही है और फिर नदी की धारा को मोड़कर मुख्य धारा से जोड़ने के लिए ड्रेजर का चैनल बनाया जा रहा है। दिसंबर से चल रहा यह कार्य अब पूरा होने की ओर है। इस प्रोजेक्ट पर 198 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। एप्रोच को सुरक्षित करने का काम सेतु निगम करा रहा है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे। जागरण
3:30 घंटे में पहुंच जाएंगे लखनऊ
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे सहजनवां के पास जैतपुर से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आजमगढ़ जिले के सलारपुर में जुड़ा है। 7283 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 91.35 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे से गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ जिले के लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। औपचारिक रूप से इसका उद्घाटन अभी नहीं हुआ है, लेकिन आवागमन दो माह पहले से ही शुरू है।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू हो जाने से लखनऊ का सफर 3.30 से चार घंटे में ही पूरा हो जाएगा। गोरखपुर, अयोध्या होते हुए लखनऊ की तुलना में एक्सप्रेसवे से लखनऊ की दूरी करीब 30 से 40 किमी अधिक है, लेकिन कोई अवरोध नहीं होने की वजह से समय कम लगेगा।
30 एकड़ में बनेंगे दो यूटिलिटी सेंटर, हर सुविधा मिलेगी
आगरा और यमुना एक्सप्रेसवे की तरह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के किनारे भी दो जगह पर यूटिलिटी सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। 30-30 एकड़ में प्रस्तावित इस सेंटर पर पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, होटल व रेस्त्रां के अलावा वाहनों की मरम्मत के लिए एक गैराज भी बनाया जाएगा।
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पहला यूटिलिटी सेंटर गोरखपुर क्षेत्र में और दूसरा आजमगढ़ में होगा। लखनऊ, दिल्ली के साथ वाराणसी और प्रयागराज की राह भी आसान करने वाले इस लिंक एक्सप्रेसवे पर भविष्य में ट्रैफिक लोड काफी बढ़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए ही पिछले माह हुई (यूपीडा) बोर्ड की बैठक में दोनों यूटिलिटी सेंटर बनाने का निर्णय किया गया है।
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