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    गोरखपुर में गुलरिहा थाना से चिलुआताल तक बनेगा नाला, जलभराव से मिलेगी राहत

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 09:35 AM (IST)

    गोरखपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुलरिहा थाना से चिलुआताल तक 12.353 किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 126 करोड़ ...और पढ़ें

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    करीब 126 करोड़ की परियोजना को शासन की मंजूरी, 12.353 किलोमीटर होगी नाले की लंबाई। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नगर निगम गोरखपुर की ओर से शहर की जलभराव समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। गुलरिहा थाना से चिलुआताल तक 12.353 किलोमीटर लंबा नाला निर्माण किया जाएगा।

    इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 126 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसे शासन से मंजूरी मिल चुकी है। नाले के निर्माण से शहर के कई जलभराव प्रभावित इलाकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। तीन वार्डों की करीब 40 हजार की आबादी इससे सीधा लाभान्वित होगी।

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    यह नाला गुलरिहा थाना क्षेत्र स्थित कंचनपुर चौराहा से शुरू होकर गुलरिहा थाना, पुरैना, बनजरहा पुलिया, मिर्जापुर चौराहा होते हुए चिलुआताल के पास जाकर समाप्त होगा। परियोजना के अंतर्गत 125.80 करोड़ रुपये की लागत से नाले का निर्माण किया जाएगा, जिससे वर्षा के दौरान होने वाले जलजमाव की समस्या को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकेगा। इस नाले के माध्यम से करीब 2221.83 हेक्टेयर कैचमेंट एरिया के पानी की सुचारू निकासी सुनिश्चित होगी।

    नाले के निर्माण से जंगल पकड़ी, चारगांवा, गोरखनाथ खाद कारखाना कालोनी, झुंगिया सहित आसपास के इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा वार्ड संख्या 30 गुलरिहा, वार्ड संख्या 5 मानबेला और वार्ड संख्या 54 उर्वरक नगर में हर वर्ष वर्षा के मौसम में होने वाला जलभराव समाप्त हो जाएगा।

    ये क्षेत्र लंबे समय से जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित होता रहा है। यह नाला न केवल जलभराव की समस्या से निजात दिलाएगा, बल्कि शहर की समग्र ड्रेनेज व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। इससे स्थानीय नागरिकों को हर वर्ष बरसात में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार होगा।

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    इस परियोजना को लेकर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नाला निर्माण के लिए आवश्यक एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जल्द से जल्द जारी की जाए, ताकि कार्य में अनावश्यक देरी न हो। प्रशासन की मंशा है कि बारिश से पहले अधिक से अधिक कार्य पूरा कर लिया जाए।

    एक नजर में

    • लागत - 125.80
    • नाले की लंबाई - 12.353 किलोमीटर
    • लाभान्वित होने वाले वार्ड- गुलरिहा, मानबेला और उर्वरक नगर
    • लाभान्वित होने वाली आबादी- 40 हजार
    • जंगल पकड़ी कैचमेंट एरिया- 129.68 हेक्टेयर
    • चरगावां गौर गोरखनाथ कैचमेंट एरिया - 1286.04 हेक्टेयर
    • खाद कारखाना कालोनी जलभराव क्षेत्र - 115.64 हेक्टेयर
    • नालों के पानी का विस्तार क्षेत्र - 28.92 हेक्टेयर
    • नारायणपुर जलभराव क्षेत्र- 121.90 हेक्टेयर
    • बांगी जलभराव क्षेत्र- 220.38 हेक्टेयर
    • झुंगिया जलभराव क्षेत्र- 175.33 हेक्टेयर

    करीब 12 किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है और अब संबंधित विभागों से एनओसी लेने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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    -अमित कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम