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    Gorakhpur Ayodhya Four Lane: गोरखपुर-अयोध्या फोरलेन की बदलेगी सूरत, टूटे हिस्से में बनेगी नई सड़क; 200 करोड़ होंगे खर्च

    Updated: Sat, 25 Jan 2025 05:45 PM (IST)

    Gorakhpur Ayodhya Four Lane गोरखपुर-अयोध्या फोरलेन पर जल्द ही बड़े-बड़े गड्ढों से मुक्ति मिलेगी। एनएचएआई क्षतिग्रस्त हिस्सों की पैचिंग नहीं बल्कि नीचे के स्तर को उखाड़कर नए सिरे से सड़क बनाएगा। इस परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। डीपीआर को एनएचएआइ मुख्यालय ने मंजूरी भी दे दी है।

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    गोरखपुर-अयोध्या फोरलेन पर नई सड़क बनेगी। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन मार्ग पर पड़े बड़े-बड़े गड्ढों से होने वाली दुश्वारियों से जल्द ही बड़ी आबादी को राहत मिल जाएगी। अगले माह के पहले पखवारे तक इस सड़क की सूरत बदलने का काम शुरू हो जाएगा। पूरे मार्ग का जो भी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, एनएचएआइ उसकी पैचिंग नहीं, बल्कि नीचे के स्तर को उखाड़ कर नए सिरे से उसे बनाएगा। इसपर करीब दो सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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    इस मार्ग के गोरखपुर-अयोध्या खंड की मरम्मत एनएचआइ के पीआइयू (परियोजना क्रियान्वयन इकाई) गोरखपुर को सौंपी गई है। पीआइयू की ओर से सर्वे कर तैयार किए गए डीपीआर को एनएचएआइ मुख्यालय ने मंजूरी भी दे दी है।

    करीब दो सौ करोड़ रुपये की इस परियोजना को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यद्यपि, गोरखपुर पीआइयू के अधिकारियों का कहना है कि इससे पूर्व ही निर्माण कार्य पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

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    गोरखपुर-अयोध्या फोरलेन मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं। कई स्थानों पर तो सड़क की उपरी परत ही उजड़ गई है। कुछ स्थानों पर तो गड्ढे इतने बड़े हैं कि दुर्घटना की वजह बन रहे है।

    गोरखपुर से लखनऊ फोरलेन पर संतकबीरनगर, बस्ती होते हुए अयोध्या तक पड़े गड्ढों की करीब पांच माह पूर्व मरम्मत कराई गई थी लेकिन, ट्रैफिक लोड अधिक होने की वजह से फिर से सड़क की गिट्टियां निकलने लगी हैं। एनएचएआइ के अभियंताओं ने सर्वे करके इसकी वजह तलाशी तो सामने आया कि सड़क के निचले स्तर से ही इसे दुरुस्त कराने पर सड़क सही हो सकेगी।

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    इसी बीच गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यालय के अधिकारियों ने भी अयोध्या तक फोरलेन का निरीक्षण किया था । इसके बाद से ही सड़क को स्थायी तौर पर दुरुस्त करने की कवायद तेज हुई। एनएचएआइ ने डीपीआर तैयार कर मुख्यालय को भेजा था। विभाग के मुताबिक गोरखपुर से अयोध्या तक करीब 134 किमी लंबे फोरलेन के 70 से 80 किमी तक के हिस्से की सड़क सुगम नहीं रह गई है। इनमें कई स्थानों पर तो सड़क की हालत काफी खराब है।

    फोरलेन के क्षतिग्रस्त हिस्से को सही करने के लिए लिए टेंडर प्रक्रिया आखिरी चरण में है। 15 फरवरी तक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए करीब 200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। - ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ, गोरखपुर पीआइयू