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    यूपी के इस शहर में बिना नक्शा पास कराए बनाई गई तीन मंजिला मस्जिद, गिरेगा हथौड़ा; नोटिस जारी

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने घोषकंपनी चौराहे के पास बनी तीन मंजिला मस्जिद को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। प्राधिकरण का दावा है कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए ही मस्जिद का निर्माण कराया गया है। मस्जिद के मुतवल्ली को 15 दिन के भीतर खुद ही अवैध निर्माण ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया है अन्यथा प्राधिकरण इसे ध्वस्त कराएगा।

    By Arun Chand Edited By: Vivek Shukla Updated: Wed, 19 Feb 2025 09:51 AM (IST)
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    जीडीए का दावा है कि बिना प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए ही इमारत का निर्माण करा दिया गया। जागरण (File)

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। घोषकंपनी चौराहे के पास नगर निगम की 47 डिस्मिल भूमि के एक कोने पर पिछले साल बनकर तैयार हुई तीन मंजिला मस्जिद तोड़ी जाएगी। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) का दावा है कि बिना प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए ही इसकी इमारत का निर्माण करा दिया गया, जो अवैध है।

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    प्राधिकरण की ओर से 15 फरवरी, 2025 को मस्जिद के मुतवल्ली शुऐब अहमद के नाम नोटिस जारी कर हिदायत दी गई है कि ध्वस्तीकरण का आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर खुद ही अवैध निर्माण ध्वस्त कर लें, अन्यथा की दशा में प्राधिकरण इसे ध्वस्त कराएगा। प्राधिकरण ने यह भी चेतावनी दी है कि ध्वस्तीकरण पर होने वाला खर्च निर्माणकर्ता शुऐब अहमद से वसूल किया जाएगा।

    जीडीए की ओर से दिए गए नोटिस के मुताबिक पिछले साल क्षेत्रीय अवर अभियंता के स्थल निरीक्षण में पाया गया था कि मेवातीपुर निवासी शुऐब अहमद 60 वर्ग मीटर में भूतल, प्रथम तल का निर्माण कराते हुए दूसरे तल की शटरिंग का कार्य करा रहे थे। मौके पर कोई स्वीकृत मानचित्र नहीं दिखाया गया।

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    इसपर संबंधित निर्माण के खिलाफ अवर अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर 15 मई, 2024 को पीठासीन अधिकारी ने वाद दखिल करते हुए निर्माणकर्ता को नोटिस जारी कर 30 मई तक कार्यालय में अपना पक्ष प्रस्तुत करने को अवसर दिया था। आरोप है कि पक्षकार नियत तिथि पर उपस्थित नहीं हुए।

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण। जागरण


    इसके बाद जीडीए की ओर से चार फरवरी, 2025 और 15 फरवरी को भी सुनवाई की तिथि निर्धारित करते हुए नोटिस जारी किया गया। लेकिन, पक्षकार न तो उपस्थित हुए न ही स्वीकृत मानचित्र या कोई अन्य अभिलेख ही प्रस्तुत किया गया। इसपर प्राधिकरण ने 15 फरवरी को ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया।

    नगर निगम ने समझौते पर दी थी 60 वर्ग मीटर भूमि

    घोषकंपनी चौराहे से ठीक सटी नगर निगम की 47 डिसमिल भूमि पर 50 साल से अधिक समय से कब्जा चला आ रहा था। लंबे प्रयास के बाद नगर निगम ने 25 जनवरी, 2024 को इस भूमि को कब्जामुक्त कराना शुरू किया। तीन दिन अभियान चलाकर 12 आवासीय परिसर और 31 व्यावायिक दुकानें ध्वस्त की गईं। भूमि के मध्य में भूतल तक बनी एक पुरानी जीर्णशीर्ण मस्जिद की भी इमारत थी।

    अभियान के दौरान इसे भी हटाया जाने लगा तो मुतवल्ली समेत कई लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। बाद में लोगों की मांग पर मस्जिद निर्माण के लिए नगर निगम, समझौते के आधार पर करीब 60 वर्ग मीटर भूमि, कब्जामुक्त कराए जा रहे परिसर के दक्षिण-पूर्वी कोने पर देने को तैयार हो गया।

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    नगर निगम प्रशासन के मुताबिक भूमि देने का प्रस्ताव निगम बोर्ड से मंजूर भी कराया गया था। लेकिन, भूमि देते समय यह निर्देशित किया गया था कि कार्रवाई की जद में आ रही पुरानी मस्जिद की ही तरह नई मस्जिद का निर्माण करा सकते हैं। इससे बड़ी या दूसरे आकार की नहीं। फिलहाल कब्जा मुक्त कराई गई 47 डिसमिल भूमि पर जीडीए, पीपीपी माडल पर शापिंग कांप्लेक्स का निर्माण करा रहा है।

    डीएम को भी भेजी गई ध्वस्तीकरण की सूचना

    घोषकंपनी स्थित मेवातीपुर में पिछले साल ही बनी तीन मंजिला मस्जिद की इमारत तोड़ने के लिए पारित ध्वस्तीकरण आदेश और नोटिस की जानकारी प्राधिकरण ने ई-मेल के जरिये जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश को भी दी है।

    कमिश्नर कोर्ट में अपील पर आज होगी सुनवाई

    जीडीए के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ मस्जिद के मुतवल्ली ने कमिश्नर कोर्ट में अपील दाखिल की है, जिसपर बुधवार को सुनवाई होगी। प्राधिकरण का कहना है कि उन्होंने जवाब तैयार कर लिया है।