Cyber Crime: आबकारी विभाग के ठेके पर साइबर अपराधियों की नजर, बना दी फर्जी वेबसाइट
Fake Websites Cybercriminals सावधान! साइबर अपराधियों ने आबकारी विभाग ( Excise Departments) की ई-लाटरी के लिए फर्जी वेबसाइट बनाई है। असली वेबसाइट से मिलते-जुलते नाम से बनी इस फर्जी वेबसाइट पर आवेदन करने वाले ठगी के शिकार हो सकते हैं। आबकारी विभाग ने आवेदकों को सतर्क किया है कि वे केवल विभाग के आधिकारिक पोर्टल (https//eciseelotteryup.upsdc.gov.in) पर ही पंजीकरण और आवेदन करें।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शराब की दुकानों का आंवटन ई लाटरी से होगा। ई लाटरी के लिए आनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 27 फरवरी निर्धारित है। छह मार्च को लाटरी निकलेगी। 15 मार्च तक दुकानों का आवंटन हो जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया शुरू होते ही साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं। ठगी के लिए साइबर अपराधियों ने जाल बिछाकर फर्जी वेबसाइट जारी कर दी है।
इस पर आवेदन करने वाले लोग ठगी के शिकार हो सकते हैं।जिला आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी समस्या के लिए नोडल अधिकारियों से बात करें। वेबसाइट पर आवेदन करते समय पूरी सावधानी बरतें। मिलते जुलते नामों से बनी वेबसाइट पर क्लिक न करें।
जनपद में भांग, अंग्रेजी, देसी और बीयर शाप सहित कुल 580 दुकानों का आवंटन ई लाटरी के जरिये होगा। आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से नए कारोबारियों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। इसलिए जिला आबकारी कार्यालय पर जानकारी पाने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
इसे भी पढ़ें- पूर्वांचल की खाद से लहलहाएंगे असम के चाय बागान, पीकर लोग बोलेंगे- वाह...
आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के संग ही साइबर जालसाज सक्रिय हो गए हैं। शातिरों ने फर्जी वेबसाइट बना दी है। यह साइट गूगल सर्च इंजन पर प्रसारित हो रही है। इसलिए आबकारी विभाग की ओर से आवेदकों को सतर्क किया जा रहा है।
साइबर क्राइम (Cyber Crime)
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि फर्जी वेबसाइट (upexciseelotteryupsdcgovco.in) जालसाजों ने बनाई है। इसके शब्द असली वेबसाइट से मिलते जुलते हैं। उन्होंने आवेदकों से अपील की है कि आबकारी विभाग के आनलाइन पोर्टल (https://exciseelotteryup.upsdc.gov.in) पर ही पंजीकरण व आवेदन करें।
इसके अलावा जो भी पोर्टल या वेबसाइट ई-लाटरी के लिए आवेदन व पंजीकरण का दावा कर रही हैं। इसलिए सावधानीपूर्वक ही आवेदन करें। विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि लगभग 2600 आवेदन हो चुके हैं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।
आवेदन के पहले बरतें ये सावधानी
- आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के यूआरएल को टाइप करके ही आवेदन करें।
- किसी अन्य वेबसाइट या लिंक से आवेदन न करें। इस पर साइबर जालसाज ठगी का शिकार बना सकते हैं।
- अपने सभी प्रमाण पत्र इत्यादि को अपलोड करने के बाद ही आवेदन पत्र को अंतिम रूप से सबमिट करें।
- प्रयास करें कि जानकार और अनुभवी लोगों की मदद लेकर ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कराएं।
साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट बना दी है। शासन स्तर से इसकी जांच चल रही है। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लोगों को जानकारी देकर सतर्क किया जा रहा है। आबकारी विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर ही आवेदन करें। किसी तरह की समस्या होने पर कार्यालय पहुंचकर नोडल अधिकारियों से संपर्क करें। -महेंद्र नाथ सिंह, जिला आबकारी अधिकारी।
इसे भी पढ़ें-लेह में बर्फबारी से प्रभावित हुई गोरखपुर एयरपोर्ट की उड़ानें, आधे घंटे विमान में बैठे रहे सांसद
जनपद में इतनी दुकानें
- माॅडल शाप - 13
- कंपोजिट शाप - 211
- देसी शराब - 342
- भांग - 14
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।