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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोंडा में हुए बोलेरो हादसे में मृतक संख्या पहुंची 12, नहर में 32 किमी दूर मिला रचना का शव

Published: Mon, 04 Aug 2025 02:50 PM (IST)Updated: Mon, 04 Aug 2025 03:07 PM (IST)

Bolero Accident in Gonda गोंडा में रविवार को सरयू नहर में बोलेरो के पलटने के बाद से लापता रचना कसौंधन ...और पढ़ें

गोंडा में बोलेरो के नहर में गिरने के हादसे में मृतक संख्या पहुंची 12
गोंडा में बोलेरो के नहर में गिरने के हादसे में मृतक संख्या पहुंची 12

HighLights

  1. राज्य आपदा मोचन दल (एसडीआरएफ) की टीम कर रही थी तलाश

जागरण संवाददाता, गोंडा : पृथ्वीनाथ मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो के रविवार को अनियंत्रित होकर सरयू नहर में पलटने से मरने वालों की संख्या अब 12 हो गई है। वाहन में सवार 11 लोगों के शव रविवार को ही मिल गए थे, जिनमें एक ही परिवार के नौ लोग थे।

लापता किशोरी का शव सोमवार को मिला। वह भी ‍उसी परिवार की है। मृतकों में अब एक ही परिवार के दस लोग हो गए हैं। बोलेरो में बच्चों सहित 16 लोग सवार थे, इनमें चार को कल ही सुरक्षित निकाल लिया गया था।

शव 25 घंटे बाद घटनास्थल से 32 किलोमीटर दूर मिला

इटियाथोक के रेहरा गांव के पास सरयू नहर में बोलेरो के पलटने के बाद से लापता रचना कसौंधन का शव 25 घंटे बाद घटनास्थल से 32 किलोमीटर दूर मिला। एसडीआरएफ की टीम ने बनकसिया शिवरतन सिंह गांव के पास नहर से रचना का शव बरामद किया गया। 

रचना को खोजने के लिए सोमवार सुबह फिर से सर्च अभियान शुरू किया गया। रविवार को करीब छह घंटे अभियान चलाने के बाद भी रचना के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी, ‍उस समय करीब छह किलोमीटर तक अभियान चलाया गया था। अब पीएसी के गोताखोर बालिका को खोजने में लगे। रचना को खोजने में पुलिस ने ग्रामीणों की भी मदद ली। सात से नौ लोगों के लिए बैठने की ही जगह वाले वाहन में 16 लोगों के सवार होने पर भी सवाल ‍उठ रहे हैं।

गांव में पसरा सन्नाटा, गम में नहीं जले चूल्हे

मोतीगंज के सीहागांव के 11 लोगों की मौत से मातम है। लोगों के घरों में रविवार की सुबह से चूल्हे नहीं जले। रविवार की देरशाम सीहागांव की गुड़िया व संजू का राजापुर परसौरा गांव स्थित मनवर नदी के तट अंतिम संस्कार किया गया। बीना कसौंधन, उनकी बेटी काजल, महक, रामकरन, उनकी पत्नी अनुसूइया, बेटी सौम्या, बेटा शुभ, दुर्गेशनंदिनी व अमित का देर रात अयोध्या में सरयू नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया। गांव में मातमी का सन्नाटा पसरा है। लोग घटना से व्यथित हैं। मृतकों के स्वजनों को ढांढ़स बंधा रहे हैं। एक साथ गांव से 11 अर्थी निकलते देखने वालों का सीना छलनी हो गया। रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा है। गांव में भी पुलिस बल भी तैनात है।

गौरतलब है कि गोंडा के मोतीगंज क्षेत्र के सीहागांव के रहने वाले रामकरन गुप्ता परिवार व मित्रों के साथ बोलेरो से पृथ्वीनाथ मंदिर जा रहे थे। पारासराय अलावल देवरिया मार्ग पर रेहरा गांव स्थित सरयू नहर पुल के पास बोलेरो अचानक अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। उसमें 16 लोग सवार थे।

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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता

प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख रुपये, घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई।

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मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के स्वजन को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।