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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Farmer Protest: यूपी और दिल्ली सरकार की मुसीबत बढ़ा सकते हैं राकेश टिकैत समेत कई किसान नेताओं के बयान

By Jp YadavEdited By:
Published: Mon, 19 Apr 2021 08:38 AM (IST)Updated: Mon, 19 Apr 2021 11:08 AM (IST)

Farmer Protest दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका गहरा गई है। आने वाले दिनों में ...और पढ़ें

वेस्ट यूपी और आसपास जिलों के किसानों से 20 अप्रैल तक यूपी गेट पर पहुंचने का आह्वान किया गया है।
वेस्ट यूपी और आसपास जिलों के किसानों से 20 अप्रैल तक यूपी गेट पर पहुंचने का आह्वान किया गया है।

नई दिल्ली/गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन के बीच दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका गहरा गई है। आने वाले दिनों में यहां पर बैठे किसानों के बीच कोरोना के मामले तेजी से सामने आएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। दरअसल, यूपी गेट पर चल रहे कृषि कानून विरोधी मंच से प्रदर्शनकारियों से संख्या बढ़ाने की लगातार अपील की जा रही है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी यहां पर किसान प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ाने की अपील कर चुके हैं। 

वहीं, यूपी गेट पर मौजूद किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा है कि केंद्र सरकार दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को समाप्त करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने और अन्य पदाधिकारियों ने पश्चिमी यूपी और आसपास जिलों के किसानों से 20 अप्रैल तक यूपी गेट बॉर्डर पर पहुंचने का आह्वान किया है। ऐसे आने वाले एक सप्ताह के भीतर यहां पर किसान प्रदर्शनकारियों की संख्या में इजाफा हो सकता है, जो कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर बेहद खतरनाक है।

शनिवार को हुई भारतीय किसान यूनियन की मासिक पंचायत के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर किसान प्रदर्शनकारियों की संख्या घटी है और पंडाल सूना-सूना पड़ा हुआ है। सोमवार सुबह भी ऐसा ही नजारा देखा गया। यहां पर मुट्ठी भर किसान ही धरना प्रदर्शन में बैठे हैं। आलम यह है कि यहां पर 100-200 के बीच ही प्रदर्शनकारी बैठे हैं। वहीं, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बेहद खतरनाक दौर में पहुंच चुकी है। ऐसे में सरकार की ओर से जहां फिलहाल शनिवार रात से सोमवार सुबह तक लॉकडाउन किया गया था।

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लगातार घट रही है यूपी गेट पर प्रदर्शनकारियों की संख्या

वहीं, यूपी गेट पर 28 नवंबर 2020 से तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में धरना प्रदर्शन चल रहा है। यहां भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले धरना शुरू हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के अलावा विभिन्न राज्यों से आए प्रदर्शनकारियों ने डेरा जमाया। पिछले कुछ दिनों से यहां प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार घट रही है।

इससे पहले शनिवार को भाकियू की मासिक पंचायत में संगठन अध्यक्ष नरेश टिकैत की मौजूदगी भी मंच के सामने का पंडाल तक प्रदर्शनकारियों से नहीं भर सका। रविवार को लगे साप्ताहिक लाकडाउन के बीच यूपी गेट पर मंच से कुछ वक्ताओं ने दोपहर के समय संबोधन शुरू किया, जिसमें उन्होंने मौजूद प्रदर्शनकारियों से संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना से डराया जा रहा है, लेकिन किसान अपना हक लेकर रहेंगे।

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प्रदर्शनकारियों की संख्या कम होने की वजह से संयुक्त किसान मोर्चा समिति के पदाधिकारियों के माथे पर शिकन है। वह हर जतन के बावजूद संख्या बढ़ाने में अभी तक नाकामयाब रहे हैं। हालांकि उन्होंने संख्या कम होने के पीछे पंचायत चुनाव व फसल कटाई को वजह बताया है, लेकिन हकीकत में अब घरों को लौट रहे प्रदर्शनकारियों में से अधिकांश की काफी दिनों से वापसी नहीं हुई है। अधिकांश टेंट खाली हैं और मंच के सामने का पंडाल सूना।