Ghaziabad News: गाजियाबाद कोर्ट में फिर से तेंदुए वाली बात निकली अफवाह, बिल्ली को लोगों ने समझा था तेंदुआ
गाजियाबाद कोर्ट में एक बार फिर से सुबह के समय तेंदुए की खबर सामने आई। इसके बाद कोर्ट का काम ठप हो गया। हालांकि वन विभाग के सर्च ऑपरेशन तेंदुआ आने की खबर अफवाह निकली। लोगों ने बिल्ली को तेंदुआ समझ लिया था।
गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। कोर्ट में बृहस्पतिवार सुबह को तीसरी बार तेंदुए की सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम ने कोर्ट परिसर में कई घंटे तक सर्च आपरेशन चलाया। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज को कई बार देखा। कुछ अधिकारी बिल्ली तो कुछ तेंदुए होने की पुष्टि करते रहे।
सर्च ऑपरेशन में नहीं मिला तेंदुआ
पुलिस के अधिकारियों ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ कोर्ट में तीन बार सर्च आपरेशन चलाया। प्रत्येक मंजिल पर घूम-घूमकर तेंदुए की तलाश की गई। खासकर फुटेज में दिख रही बिल्ली वाले स्थान वन विभाग ने कई बार सर्च किया। बुधवार रात को भी तेंदुए के दिखने की सूचना पर सर्च आपरेशन चलाया गया था, लेकिन तेंदुआ नहीं मिला था।
इतना ही नहीं, बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे वन विभाग की टीम ने सर्च आपरेशन चलाते हुए तेंदुए को तलाशा लेकिन तेंदुए और उसके निशान न मिलने पर जिला जज को रिपोर्ट भेज दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट को खोला गया, लेकिन कुछ लोगों ने सीसीटीवी फुटेज को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करते हुए कोर्ट में तेंदुए के होने की अफवाह फैला दी।
तेंदुए की खबर पर सड़क पर पहुंच गए वकील
इसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम फिर से कोर्ट में पहुंची और सर्च आपरेशन चलाया। इस दौरान कोर्ट बंद करके अधिकांश अधिवक्ता सड़क पर एकत्र हो गए। बता दें कि 15 फरवरी की रात्रि आठ बजे कोर्ट में तेंदुए के होने की सूचना पर सम्पूर्ण न्यायालय भवन एवं परिसर की सघन कांबिंग की गई और सीसीटीवी फुटेज को भी गहनतापूर्वक देखा गया, किन्तु तेंदुआ या अन्य कोई वन्य जीव की उपस्थिति होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला।
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16 फरवरी को सुबह सवा आठ बजे कोर्ट परिसर की फिर सघन कांबिंग की गई। इस दौरान 15 फरवरी की शाम को रिकार्डेड हुए एक सीसीटीवी फुटेज में एक छोटे कद का चौपाया पशु आकार, चाल व बर्ताव से वह तेंदुआ या अन्य कोई हिंसक वन्य पशु निष्कर्षित नहीं हो रहा है तथा बिल्ली सदृश है। कोर्ट में फिलहाल तेंदुआ या किसी हिंसक वन्य जीव के मौजूदगी का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला है।
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