Ghaziabad Leopard: शहर वालों हो जाओ होशियार, जिले में निवास कर रहा तेंदुए का परिवार; मंडरा रहा खतरा
कचहरी परिसर में आठ फरवरी को तेंदुए के आने के एक सप्ताह बाद बृहस्पतिवार को शावक का दिखाई देना अच्छी खबर नहीं है। अब तय मान लीजिए कि तेंदुए का परिवार गाजियाबाद में निवास कर रहा है जो लोगों के लिए खतरा बन सकता है।

गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। कचहरी परिसर में आठ फरवरी को तेंदुए के आने के एक सप्ताह बाद बृहस्पतिवार को शावक का दिखाई देना अच्छी खबर नहीं है। अब तय मान लीजिए कि तेंदुए का परिवार गाजियाबाद में निवास कर रहा है, जो लोगों के लिए खतरा बन सकता है। इसके चलते बच्चों, बड़ो व बुजुर्ग सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
तेंदए ने बढ़ाया परिवार
दैनिक जागरण ने आठ फरवरी को कचहरी में आए तेंदुए के लोगों पर हमले के बाद ही मादा तेंदुए के शावकों को जन्म देने का अंदेशा जता दिया था। अंदेशा जताया जा रहा है कि पहले मादा तेंदुए ने शावकों को जन्म दिया जो कुछ बड़े होकर गाजियाबाद व आसपास के जिलों में घूम रहे थे, लेकिन अब उन्होंने अपना परिवार बढ़ा लिया है। बृहस्पतिवार को कचहरी परिसर में दिखा शावक इसी बात का प्रमाण है।
आपको बता दें कि सहारनपुर व देहरादून की शिवालिक के जंगलों की रेंज लोनी तक फैली हुई है। इस रेंज में तेंदुए व नील गाय पाए जाते हैं। कभी-कभार नील गाय व तेंदुए लोनी व हिंडन एयरफोर्स के जंगलों में निकल आते थे। विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि कोरोना काल में देश भर में लगे लाकडाउन के दौरान सहारनपुर रेंज से गाजियाबाद में गर्भवती मादा तेंदुआ पहुंची और यहां आकर उसने शवकों को जन्म दिया। शावक कुछ बड़े होकर इधर-उधर हो गए और आए दिन दिखाई देने लगे।
वर्ष 2021 व 2022 में गाजियाबाद व आसपास के जिलों में सबसे अधिक तेंदुए दिखाई दिए और इनकी उम्र व कद-काठी काफी कम बताई गई थी। बड़े होने के बाद अब तेंदुओं ने और शावकों को जन्म देकर परिवार बसा लिया। यही कारण है कि अब आए दिन शावक दिखाई दे रहे हैं।
राजनगर व राजकुंज से लगातार गायब हुए कुत्ते
तेंदुए गाजियाबाद में आकर राजनगर इंग्राहम स्कूल के पीछे जंगलों में आकर ठहरे हैं। पूर्व में कई बार तेंदुआ इंग्राहम व राजनगर के आसपास दिखाई दिया। आठ फरवरी को कचहरी में भी तेंदुआ इंग्राहम से ही पहुंचा था। अंदेशा है कि तेंदुआ वर्ष 2021 से ही इंग्राहम के जंगलों में रह रहा था। इंग्राहम के पीछे राजकुंज कालोनी व राजनगर से लगातार कुत्ते गायब हुए। माना जा रहा है कि भूख मिटाने के लिए तेंदुआ लगातार कुत्ते, बंदर का शिकार करता रहा। अब भोजन की तलाश में तेंदुए व शावक बाहर निकल गए।
बच्चों को सबसे अधिक है खतरा
तेंदुए के राजनगर में बार-बार आने के कारण बच्चों को सबसे अधिक खतरा है। तेंदुए शिकार के लिए बच्चों को असानी से निशाना बना सकते हैं। वहीं इंग्राहम स्कूल परिसर में भी तेंदुए का रहना और आना वहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए खतरनाक है। साथ ही कचहरी परिसर में भी तेंदुए का बार-बार आना वहां काम करने वाले कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, जजों, कलक्ट्रेट व अन्य विभागीय अधिकारियों, फरियादियों के लिए खतरा बन सकता है।
दिखाई दिए तेंदुए
- 15 फरवरी 2023 : राजनगर में आइएमटी कालेज के पास रात के समय दिखाई दिया तेंदुआ
- आठ फरवरी 2023 : कचहरी में घुसे तेंदुए ने अधिवक्ताओं व लोगों पर हमला कर किया घायल
- 28 जनवरी 2023 : मुरादनगर के भिक्कनपुर गांव की रोड पर दिखाई दिया तेंदुआ
- 17 जनवरी 2023 : भोजपुर थाना क्षेत्र के कलछीना के पास सड़क हादसे में तीन साल के तेंदुए की मौत
- 13 नवंबर 2021 : कविनगर के राजनगर सेक्टर 10 में साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा के आवास के बाहर व सेक्टर 11 में दिखा छोटा तेंदुआ
- 14 नवंबर 2021 : मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के बापूधाम व रईसपुर के पास दिखा था छोटा तेंदुआ, लोग हुए थे घरों में कैद
- 24 नवंबर 2020 : राजनगर के इंग्राहम कालेज के जंगलों में दिखाई दिया तेंदुआ, बाद में जीडीए वीसी के आवास में घुसकर हो गया था गायब। कई दिन चला था सर्च आपरेशन
- चार दिसंबर 2020 : मुरादनगर में गंगनहर के पास मिले थे तेंदुए के पैरों के निशान, कई दिन तक क्षेत्र में रहा था दहशत का माहौल
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