Bulldozer Action: पांच कॉलोनियों पर जमकर गरजा बुलडोजर, 95 बीघा जमीन पर हुई कार्रवाई से मचा हड़कंप
गाजियाबाद में 95 बीघा जमीन पर अवैध रूप से विकसित की जा रही पांच कॉलोनियों पर जीडीए की टीम ने कार्रवाई की। बुलडोजर की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। बताया गया कि कार्रवाई के दौरान विरोध किया गया लेकिन टीम ने उनकी एक नहीं सुनी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया। आगे विस्तार से पढ़िए पूरी खबर।

जीडीए टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से चारदीवारी तोड़ी
अवैध कॉलोनी को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया
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अवैध कालोनी बनाने वाले तीन लोगों पर मुकदमा
जीडीए ने बिना नक्शा पास कराए कॉलोनी काटने वाले तीन लोगों पर मधुबन बापूधाम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। दो साल पहले जीडीए कालोनी में ध्वस्तीकरण भी करा चुका है। फिर भी कॉलोनाइजर कॉलोनी में भूखंड का सौदा करते रहे।
जीडीए प्रवर्तन जोन-तीन के अवर अभियंता राजेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मटियाला रोड पर जनहित इंस्टीट्यूट के पास दो साल से कॉलोनी काटी जा रही है। कॉलोनाइजर आबिद, अतीक और इंद्रपाल कॉलोनी काटकर भूखंड बेच रहे हैं।
जीडीए तीन बार कॉलोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर चुका है फिर भी निर्माण जारी है और कॉलोनाइजर भूखंड बेच रहे हैं।
जीडीए ने अवैध कॉलोनियों की सूची जारी की
अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई का दावा करने वाले जीडीए के क्षेत्र में 350 अवैध कॉलोनियां हैं। करीब 100 कॉलोनियां ऐसी हैं जो दो वर्ष के अंदर बनी हैं। जीडीए लगातार कार्रवाई का दावा करता रहा और कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी काटते रहे। 96 कॉलोनी ऐसी हैं जिनका नाम जीडीए को न पता है।
न्यू करहैड़ा कॉलोनी है सबसे बड़ी
जीडीए क्षेत्र में सबसे बड़ी अवैध कॉलोनी 10 साल पहले बनी न्यू करहैड़ा कॉलोनी है। इसका क्षेत्रफल करीब 250 एकड़ है, जबकि हिंडन विहार कॉलोनी का क्षेत्र 125 एकड़ है। महिंद्रा एंक्लेव कॉलोनी करीब 40 एकड़ में बनी हुई है।
शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई की जाएगी। - स्वतंत्र कुमार सिंह, एसीपी कविनगर
सैटेलाइट के माध्यम से कॉलोनियों का पता कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिन कॉलोनियों में मकान नहीं बने हैं, वहां मकान नहीं बनने दिए जा रहे हैं। अवैध कॉलोनियों की एक सूची जीडीए वेबसाइट पर अपलोड है और कुछ दिनों में अपडेट सूची अपलोड कर दी जाएगी। आम लोग यह सूची देखकर ही जमीन या मकान का सौदा करें। - अतुल वत्स, जीडीए वीसी
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