यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Bulldozer Action: यूपी में फिर गरजा बुलडोजर, तीन बीघा सरकारी जमीन को कराया खाली
तहसीलदार अवनीश कुमार सिंह ने तिजलापुर गांव में तीन बीघा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाया। कब्जाधारी ने चरनी व ...और पढ़ें

HighLights
- तीन बीघा सरकारी जमीन पर पिता-पुत्र ने कर रखा था कब्जा
- तहसीलदार ने पैमाइश कराने के बाद कब्जा मुक्त कराई जमीन
पुलिस की अनदेखी से पीजीआइ चौराहे पर बढ़ रहा अतिक्रमण
वहीं सैफई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मई 2022 में सड़कों व चौराहे से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे, लेकिन सैफई में पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेश को नहीं मानते हैं। पुलिस की अनदेखी के कारण सैफई पीजीआई चौराहे पर अतिक्रमण बढ़ रहा है। मुख्य बाजार, चौराहे आदि जगहों पर ठेला वालों ने सड़क पर कई-कई फीट तक अतिक्रमण कर लिया है।

इसके चलते दोपहर बाद मुख्य बाजार से पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में हर रोज ओपीडी संचालित होती है। यहां पर 8 से 10 जनपदों से बड़ी संख्या में मरीज व उनके तीमारदार आते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी ट्रामा सेंटर में भी गंभीर हालत में मरीज आते हैं।
विश्वविद्यालय को जाने से पहले अस्पताल चौराहा सैफई का सबसे बड़ा व्यस्ततम चौराहा है। जहां पर अतिक्रमण से हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। जहां पर गंभीर मरीज पांच से 10 मिनट तक जाम में फंसे रहते हैं। वहीं 5 से 10 मिनट मरीजों की जिंदगी बचाने के सबसे अहम होते हैं, लेकिन यहां चौराहे पर करीब पांच दर्जन से अधिक आटो, ठेला लगाने वालों ने अतिक्रमण कर लिया है।
सैफई बाजार में संतोष मार्केट से लेकर राजस्थानी मार्केट तक दुकानदारों ने अपने पटरों के सामने लकड़ी की बैंच लगाकर दुकान का सामान बाहर तक निकाल लिया है। सैफई पेट्रोल पंप जाने वाले मार्ग पर भी होटल-ढाबे संचालित हैं, जहां सड़क के दोनों तरफ लोग दुकानों के सामने वाहन खड़े कर देते हैं।
दुकानदारों के अतिक्रमण को हटाने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से बेबस नजर आता है। अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन पर दबाव पड़ता है तो कुछ समय के लिए अभियान से थोड़ा-बहुत अतिक्रमण हटा देते हैं, लेकिन टीम के जाते ही फिर अतिक्रमण हो जाता है।
