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गजब हाल! मोदीनगर के जिन गांवों में नहीं है एक भी सिख, वहां जारी कर दिए गए 22 पासपोर्ट

Published: Mon, 02 Feb 2026 08:03 AM (IST)Updated: Mon, 02 Feb 2026 09:15 AM (IST)

मोदीनगर में फर्जी पतों पर 22 पासपोर्ट जारी होने का खुलासा हुआ है। मुस्लिम बहुल भोजपुर और त्योड़ी गांवों के ...और पढ़ें

मोदीनगर में फर्जी पतों पर पासपोर्ट जारी होने का खुलासा हुआ।   (सांकेतिक तस्वीर)

मोदीनगर में फर्जी पतों पर पासपोर्ट जारी होने का खुलासा हुआ। (सांकेतिक तस्वीर)

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जागरण संवाददाता, मोदीनगर। फर्जीवाड़ा कर पासपोर्ट के लिए आवेदन करना अलग बात है और उसकी जांच अलग। यदि पासपोर्ट सत्यापन की जांच सिर्फ कागजों में ना होकर बल्कि क्षेत्र में जाकर होती तो शायद काफी समय पहले ही इस गिरोह का पर्दाफाश हो चुका होता। इतने पासपोर्ट भी फर्जी तरीके से जारी नहीं होते।

सत्यापन के दौरान जिम्मेदारों ने यह भी देखने की जरूरत नहीं समझी कि जिस गांव का पता लिखा है, वहां एक भी सिख परिवार ही नहीं है। अधिकतर पासपोर्ट भोजपुर, त्योड़ी-13 बिस्वा व त्योड़ी-7 बिस्वा के पता पर जारी हुए हैं। ये गांव मुस्लिम बाहुल हैं। यहां पर एक भी सिख परिवार नहीं रहता है।

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गांव त्योड़ी की फोटो। सौ. सुधी पाठक

इस बात से पुलिस भी वाकिफ हैं, फिर भी थाना स्तर से सत्यापन कर दिया गया। गांव के फर्जी पते पर पासपोर्ट जारी होने की जानकारी पर ग्रामीण भी हैरत में दिखे। भोजपुर गांव में करीब 17 हजार लोग रहते हैं। जिसमें नौ हजार मतदाता है।

यहां करीब 60 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। शेष हिंदू हैं। यहां लंबे अरसे से एक भी सिख परिवार नहीं रहा है। इसके अलावा त्योड़ी गांव में दो ग्राम पंचायत हैं। त्योड़ी-7 बिस्वा व त्योड़ी-13 बिस्वा। दोनों गांवों की मिलाकर आबादी करीब 13 हजार हैं, जिनमें करीब पांच हजार मतदाता हैं।

दोनों गांवों में 80 प्रतिशत मुस्लिम आबादी हैं। इसके अलावा भोजपुर क्षेत्र के जिन गांव के पते पर पासपोर्ट जारी हुए, ये गांव जाट बाहुल हैं। हल्का प्रभारियों को इसकी जानकारी होती है। फिर भी अनभिज्ञ बनकर पुलिस ने आवेदक और पता सत्यापित कर दिया।

गलती पर भी अपनों को बचाने का प्रयास

पुलिस ने अपने दामन को दागदार होने से बचाने की पूरी कोशिश की है। मुकदमा दारोगा की तहरीर पर दर्ज किया गया। इसमें डाक विभाग के डाकिया की भूमिका को तो गिरोह के साथ दिखाई गई। डाकिया के नाम का जिक्र तक मुकदमे में किया गया है। जबकि जिन पुलिसकर्मी ने पता सत्यापन थाने में बैठकर कर दिया। मुकदमे में उनका जिक्र नहीं किया गया।

मुकदमे में केवल लिखा कि पासपोर्ट आवेदन के सत्यापन टैबलेट पर ऑनलाइन आते हैं। ऑनलाइन की सत्यापन रिपोर्ट भेज दी जाती है। अपनी कमी को पुलिस ने छिपाया। हालांकि चर्चा है कि इन पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई होगी, लेकिन मुकदमे में पुलिसकर्मियों का जिक्र नहीं किया गया है।

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