विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गाजियाबाद के भोजपुर में एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़, खालिस्तानी कनेक्शन की आशंका

By Vinit Edited By: Rajesh Kumar
Published: Sun, 01 Feb 2026 07:28 PM (IST)

गाजियाबाद के भोजपुर में एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। धोखेबाजों ने अधूरे पतों का उपयोग कर ...और पढ़ें

गाजियाबाद के भोजपुर में एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। फाइल फोटो

गाजियाबाद के भोजपुर में एक बड़े फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। फाइल फोटो

HighLights

  1. भोजपुर में 24 फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।

  2. डाकिया और एजेंटों की मिलीभगत से पासपोर्ट जारी हुए।

  3. मानव तस्करी, खालिस्तानी/आतंकवादी लिंक की जांच जारी।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। भोजपुर में एक बड़े और संवेदनशील फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। धोखेबाजों ने भोजपुर इलाके में फर्जी और अधूरे पतों का इस्तेमाल करके दिल्ली पासपोर्ट ऑफिस से 24 पासपोर्ट हासिल किए। जांच में पता चला कि जिन पतों पर पासपोर्ट जारी किए गए थे, वहां आवेदक कभी नहीं रहते थे। सभी पासपोर्ट आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर दिया गया था।

पुलिस ने इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, और खुफिया एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं। यह मामला तब सामने आया जब दिसंबर 2025 में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, दिल्ली ने गाजियाबाद पुलिस को संदिग्ध पासपोर्ट की सूची भेजकर एक पत्र भेजा।

इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पाया कि भोजपुर, त्यौरी, अतरौली, कलछीना और सैदपुर हुसैनपुर के नाम पर अधूरे पतों का इस्तेमाल करके पासपोर्ट हासिल किए गए थे। अधिकांश पासपोर्ट में केवल गांव और पुलिस स्टेशन क्षेत्र का उल्लेख था। पुलिस एक डाकिया, एक एजेंट और तीन अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस जांच में पता चला कि भोजपुर पोस्ट ऑफिस में तैनात डाकिया अरुण कुमार ने इस धोखाधड़ी में अहम भूमिका निभाई। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि लगभग पांच महीने पहले प्रकाश सुब्बा और विवेक गांधी उससे मिले थे। दोनों ने उसे हर पासपोर्ट के लिए 2,000 रुपये देने की पेशकश की, अगर वह उन्हें सीधे उनके पास पहुंचा दे। इस पेशकश से लालच में आकर डाकिया ने सभी पासपोर्ट पतों पर पहुंचाए बिना आरोपियों को सौंप दिए।

इसी तरह, एजेंट ने पुलिस को बताया कि उसे हर पासपोर्ट के लिए 15,000 रुपये दिए गए थे। मोदीनगर इलाके से एक आरोपी को पूछताछ के लिए उठाया गया है। वह आधार कार्ड पर पते बदलने में शामिल था। उसने इस काम के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।

पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क मानव तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। संदेह है कि इन फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल खालिस्तानी समर्थकों, आतंकवादी तत्वों, भ्रष्टाचार के आरोपियों और गंभीर अपराधों में वांछित लोगों को विदेश भेजने के लिए किया गया था। ऐसे लोग विदेश में अपनी असली पहचान छिपा लेते हैं, जिससे जांच एजेंसियों के लिए उन्हें भारत वापस लाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

जांच एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल करके कितने लोग देश छोड़कर गए हैं और वे किन देशों में गए हैं। अगर कोई संदिग्ध विदेश भागा हुआ पाया जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इनके खिलाफ मामला दर्ज

भोजपुर थाने में अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघना राणा, रामकुमारी, दलजीत सिंह, मोहिंदर गौड़, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, कमलजीत कौर, इंदर सिंह, बलविंदर सिंह, मंजीत सिंह, राजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरजीत कौर, जगमीत कौर, गुरनूर कौर, जसकरन सिंह, जपमेहर कौर, अरुण कुमार पोस्टमैन, विवेक गांधी, प्रकाश सुब्बा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. और अन्य अज्ञात व्यक्ति।

डाकिया, एजेंटों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. यदि कोई आतंकवादी या राष्ट्रविरोधी लिंक पाया जाता है, तो संबंधित केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल होंगी। पासपोर्ट विभाग ने सभी पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं.
-सुरेंद्रनाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण