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    बंद कमरे में ब्लोअर चला रहे हैं तो सावधान! गाजियाबाद में ACP बेहोश, अस्पताल में भर्ती

    By Vinit Edited By: Anup Tiwari
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 09:08 AM (IST)

    गाजियाबाद में एसीपी ट्रैफिक जियाउद्दीन अहमद अपने कार्यालय में ब्लोअर के कारण अचेत हो गए। बंद कमरे में ब्लोअर चलाने से ऑक्सीजन का स्तर गिरने और कार्बन ...और पढ़ें

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    गाजियाबाद में ब्लोअर से बिगड़ी एसीपी की तबीयत। सांकेतिक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सर्दी से राहत के लिए कार्यालय में लगाए गए ब्लोअर से एसीपी ट्रैफिक जियाउद्दीन अहमद की तबीयत बिगड़ गई। पुलिस लाइन स्थित एसीपी ट्रैफिक कार्यालय में शुक्रवार दोपहर कमरे में एसीपी ट्रैफिक अचेत हो गए।

    किसी काम से उनके कमरे में दाखिल हुए सिपाही सोमवीर ने उन्हें अचेत देख शोर मचा दिया। इसके बाद एसीपी को नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके स्वास्थ्य में सुधार है।

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    जानकारी के मुताबिक एसीपी ट्रैफिक जियाउद्दीन अहमद दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने कार्यालय में बैठे थे। उनके कार्यालय में सिपाही सोमवीर सिंह दाखिल हुए तो उन्हें एसीपी कुर्सी पर अचेत मिले। सोमवीर ने तत्काल दरवाजा खोल हीटर बंद किया और मदद के लिए आवाज लगाई।

    शोर सुनकर अन्य पुलिसकर्मी कमरे में पहुंचे और एसीपी को तुरंत यशोदा अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार लगभग एक घंटे बाद उन्हें होश आया और अब उनकी हालत खतरे से बाहर है।अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि एसीपी ट्रैफिक की हालत खतरे से बाहर है। उन्हें शनिवार को अस्पताल से छुट़्टी मिलने की उम्मीद है।

    हीटर-ब्लोअर से शरीर को नुकसान

    जिला एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डा संतराम वर्मा का कहना है कि ब्लोअर यदि बंद कमरे में बिना वेंटिलेशन लंबे समय तक चलता रहे तो आक्सीजन का स्तर गिर जाता है जिससे कार्बन मोनोआक्साइड का स्तर बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर में हाइपाक्सिया की स्थिति बन सकती है।

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    यानी रक्त और मस्तिष्क तक आक्सीजन की सप्लाई घट जाती है। इसके शुरुआती लक्षणों में चक्कर, सिरदर्द, घबराहट, सांस में भारीपन, मानसिक भ्रम, आंख-त्वचा का सूखना और गले-नाक में जलन शामिल हैं। गंभीर स्तर पर यह बेहोशी का कारण भी बन सकता है।

    हीटर या ब्लोअर चलाते समय रहें सावधान

    • कमरे में क्रॉस वेंटिलेशन रखें, खिड़की-दरवाजा हल्का खुला रखें
    • हीटर को सीधे शरीर या चेहरे पर न रखें
    • 30–40 मिनट बाद ब्रेक दें, हीटर बंद कर दें
    • कमरे में पानी का बर्तन रखें ताकि हवा में नमी बनी रहे
    • सिरदर्द या घबराहट हो तो तुरंत हीटर बंद करें