बुलंदशहर में बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या: पिता की सिसकियां देख पूरा गांव रोया, हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग
बुलंदशहर में मासूम बालिका से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना से नारखी, फिरोजाबाद स्थित उसके गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों ने आरोपियों को फांसी की ...और पढ़ें

सिकंदराबाद कोतवाली में बच्ची के हत्यारोपित। जागरण अस्पताल में उपचार कराते हुए आरोपित। मुठभेड़ में घायल आरोपित।
संवाद सहयोगी, जागरण. नारखी (फिरोजाबाद)। बुलंदशहर, सिकंदराबाद के गांव में मासूम बालिका की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की वारदात को जिसने भी सुना वह सन्न रह गया। शनिवार सुबह जाम लगाने वाले ग्रामीण बोले कि आरोपित मनुष्य नहीं दरिंदे हैं। उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
बालिका के गांव में दोपहर तक चूल्हे नहीं जले। पिता की सिसकियों ने सबको रुला दिया। उसका कहना था कि वह बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए उन्हें डेढ़ महीने पहले ही वहां ले गया था। क्या पता था कि उसकी कीमत बेटी को इस तरह चुकानी पड़ेगी।
बालिका के गांव में नहीं जले चूल्हे, पिता की सिसकियों ने सबको रूलाया
बालिका का पिता पहले गांव में चूड़ी का काम और मजदूरी करता था। बड़ी बेटी और डेढ़ वर्षीय बेटे का भविष्य संवारने के लिए वह 10 महीने पहले बुलंदशहर गया था। फैक्टरी संचालक प्रति माह 16,500 रुपये वेतन देता था। खाना भी वहीं से मिलता था। फैक्ट्री के काम में मन लगने पर वह डेढ़ माह पहले पत्नी और बच्चों को वहां लेकर गया और किराए के कमरे में रहने लगा। उसी तीन मंजिला मकान की तीसरी मंजिल पर दोनों आरोपित किराए पर रहते थे। एक आरोपित 15 दिन पहले ही अपने गांव से बुलंदशहर आया था।
डेढ़ महीने पहले पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर गया था बुलंदशहर
शुक्रवार देर रात स्वजन बालिका के शव को लेकर गांव आए तो कड़ाके की ठंड में भी ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। जिसने भी घटना के बारे में सुना वह हैरान रह गया। पिता ने बताया कि उसकी पत्नी की उसके साथ दूसरी शादी थी। वह बेटी को साथ लेकर आई थी। बेटी भले ही सगी नहीं थी, लेकिन वह उसे सगे से भी अधिक प्यार करता था। पत्नी की पहली शादी आगरा के खैरागढ़ में हुई थी।
पिता ने बताया कि डेढ़ माह में शुक्रवार की शाम पहली बार उनकी बेटी मकान की छत पर गई थी। इसी दौरान आरोपित राजू निवासी भगवानपुर, बलरामपुर और वीरू कश्यप निवासी गोला गोकरन नाथ थाना कोतवाली लखीमपुर खीरी ने उसे पकड़ लिया।
सपा के वरिष्ठ नेताओं ने पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस
समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी दिलीप यादव, महावीर सिंह धनगर, जगमोहन यादव आदि नेता-कार्यकर्ताओं ने गांव में जाकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। दिलीप यादव ने कहा कि बेटियां कहीं सुरक्षित नहीं हैं, अपराधियों के मन से कानून का डर समाप्त हो गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

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