यूपी में बड़ा बदलाव: अब प्राइवेट सेंटर नहीं, निजी वाहनों की फिटनेस होगी सीधे एआरटीओ दफ्तर में
फतेहपुर में निजी वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। आठ महीने पहले निजी ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटरों को सौंपा गया यह काम अब वापस एआरटीओ दफ्तर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। यूपी के परिवहन विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। आठ माह पहले शासन की नीति के तहत व्यवसायिक व निजी वाहनों की फिटनेस को निजी हाथों में संचालित आटोमेटिक फिटनेस सेंटर को दी गई थी। दोनों तरह के वाहनों की फिटनेस निजी सेंटर में होती रही है। शासन ने शिकायतों को संज्ञान में लिया और निजी सेंटर से प्राइवेट वाहनों की फिटनेस का काम छीन लिया है। अब निजी सेंटर में केवल व्यापारिक वाहन और एआरटीओ दफ्तर में निजी वाहनों की फिटनेस कराने की व्यवस्था होगी। आठ महीने में प्रभावशाली संचालक से काम का छीना जाना चर्चा का विषय बना रहा है।
सड़क दुर्घटनाओं में ब्रेक लगाने के लिए वाहनों का फिट होना जरूरी माना गया है। इसलिए वाहनों का विभाग के द्वारा फिटनेस कराया जाता है। वाहन स्वामियों के द्वारा शुल्क अदा करने पर वाहनों का फिटनेस होता है और यह वाहन सड़क पर दौड़ने के लिए फिट होते हैं। सालों साल से दोनों प्रकार के वाहनों का फिटनेस एआरटीओ दफ्तर में हुआ करता था।
आठ माह पहले गोपाल नगर जीटी रोड में खुले प्राइवेट फिटनेस सेंंटर को यह काम शासन की मंशा पर दिया गया था। शुरुआत दौर पर ही फिटनेस सेंटर के कामकाज पर अंगुलियां उठाई गई। कई वाहन मालिकों ने फीस अधिक वसूले जाने की शिकायत शासन को भेजकर कार्रवाई की मांग कर दी थी। शासन के द्वारा किया गया बदलाव इसी का कारण बताया जा रहा है लेकिन कोई भी विभागीय अधिकारी जुबान खोलने को तैयार नहीं है।
बोले जिम्मेदार
वाहनों का फिटनेस कराया जाना अनिवार्य किया गया है। चेकिंग के दौरान पंजीकरण सहित फिटनेस प्रमाण पत्र देखे जाते हैं। जिले में आठ माह पहले यह काम एक निजी सेंटर को सौंपा गया था। नए बदलाव में प्राइवेट सेंटर से निजी वाहनों की फिटनेस का काम हटा दिया गया है। यह काम अब दफ्तर में पूर्व की तरह होगा जबकि व्यापारिक वाहनों का फिटनेस प्राइवेट सेंटर पर यथावत होंगे।
-राजीव कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी

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