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    फतेहपुर में विकास कार्यों में 9.82 लाख का घोटाला, दो प्रधानों के अधिकार सीज; चार सचिवों पर कार्रवाई की संस्तुति

    Updated: Sat, 01 Nov 2025 09:26 PM (IST)

    फतेहपुर जिले में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में लगभग 9.82 लाख रुपये के वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने दो ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, फतेहपुर। बहुआ विकास खंड के मूसेनगर हथेमा मजरे कठवारा और देवगांव में वित्तीय अनियमितता की शिकायतों की कराई गई जांच में विकास कार्यों में नौ लाख रुयपे की गड़बड़ी पाई गई। 15 फरवरी 2024 और 7 फरवरी 2024 को शिकायत पर डीएम ने जांच कराई तो कठवारा में 5.79 लाख तथा देवगांव में 4.03 लाख रुपये कुल 9 लाख 82 हजार 563 रुपये का घोटाला किया गया है। डीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों प्रधानों की कुर्सी छीनते हुए त्रि-सदस्यीय टीम गठित कर दी। साथ ही चार सचिवों पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी।


    कठवारा ग्राम पंचायत की शिकायत सत्यवान ने 15 फरवरी 2024 को डीएम से वित्तीय अनियमितता की शिकायत की थी। कठवारा में प्रधान भीम सिंह, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव राज कुमार,उमेश कुमार दोषी पाए गए। डीएम ने प्रधान के अधिकार सीज करते हुए ग्राम पंचायत में सज्जन कुमार, ओम प्रकाश और अरविंद कुमार सदस्यों की अगुवाई में त्रि-सदस्यीय समिति का गठन कर दिया।

    इसी तरह देवगांव की शिकायत श्रीकांत त्रिपाठी ने 7 फरवरी 2024 को की थी। जिसमें प्रधान मुशीउद्दीन और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार, नीरज सिंह दोषी पाए गए। डीएम ने प्रधान के अधिकारों को सीज करते हुए विशुन कुमार, आशा देवी और हरिशंकर की त्रि-सदस्यीय समिति का गठन कर दिया।

    डीएम रविन्द्र सिंह ने बताया कि शिकायतों को संज्ञान में लेकर दोनों ग्राम सभाओं की उच्च स्तरीय जांच करवाई गई। जिसमें कठवारा में हैंडपंप मरम्मत और सोलर लाइट मरम्मत के नाम पर 5,79,296 रुपये तथा देवगांव में हैंडपंप मरम्मत, साफ सफाई कार्य, झबरिया तालाब में पानी भरने का कार्य तथा क्वारंटाइन सेंटर में व्यय दिखाते हुए 4,03,267 रुपये की घपले बाजी की गई है। दोनों प्रधानों के अधिकारी सीज करते हुए ग्राम पंचायत सदस्यों की त्रि-सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। चार ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध अनुशासिक कार्रवाई प्रचलित कर दी गई है।