साइबर ठगों की इस साजिश में मत फंसना, माडलिंग एवं होटल प्रमोशन का टास्क से गवां बैठे पांच लाख
Cyber Fraud: साइबर ठगों ने फतेहपुर की एक महिला को बच्चे की मॉडलिंग और होटल प्रमोशन टास्क का झांसा देकर करीब पांच लाख रुपये ठग लिए। महिला ने फेसबुक पर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। Cyber Fraud: साइबर ठगों ने बच्चे को माडलिंग कराने एवं होटल प्रमोशन का टास्क पूरा करने के खेल का झांसा देकर करीब पांच लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद टेलीग्राम व फेसबुक पेज से महिला को डिस्कनेक्ट कर दिया। जिस पर महिला ने सदर कोतवाली में अज्ञात के विरुद्ध सूचना प्रोद्यौगिकी संशोधन अधिनियम के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
शहर के सिविल लाइन मोहल्ले में रहने वाले सौम्या चौहान पत्नी प्रथम राठौर ने सदर कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में स्पष्ट किया है कि 9 दिसंबर 2025 को वह इंटरनेट मीडिया के फेसबुक में बच्चों के माडलिंग से संबंधित एक पेज टिनी वंडर नामक देख रही थी। उक्त पेज पर एक ग्रुप था जिसमें काफी लोग जुड़े थे। इस पेज में बच्चों की माडलिंग व उनके प्रमोशन को लेकर चैटिंग की जा रही थी कि जो लोग अपने बच्चों को माडलिंग कराकर प्राफिट कमाना चाहते हैं वह 50 हजार जमा करें। बच्चे की माडलिंग को उसने 50 हजार रुपये व बच्चे की फोटो उनके द्वारा बताए खाता नंबर पर भेज दिए।
साइबर ठगों द्वारा भेजे गए टेलीग्राम लिंक पर होटल प्रमोशन का टास्क पूरा करने लगी जिसमें लाभ के रूप में उसके खाते में 15 हजार रुपये प्राप्त हुए। फिर मोबाइल मे मैसेज आया कि अपने बच्चे के माडलिंग का प्रमोशन यदि इंटर नेशनल लेबिल पर कराना चाहती हैं तो आपको और भी फीस जमा करनी होगी। जितना एमाउंट आप जमा करेंगी अगर टास्क पूरा कर लेंगी तो पैसा वापस हो जाएंगे। इसलिए उसने डेढ़ लाख रुपये दो बार में उनके बताए गए खाता संख्या में जमा किया और बताए गए लिंक के होटल प्रमोशन के टास्क को पूरा करने लगी।
इससे आइडी में पांच लाख का लाभ प्रदर्शित होने लगा। इसके बाद उसने संबंधित पेज पर चैट किया कि आगे मैं और खेलना नहीं चाहती, मेरे बनाए गए लाभ को खाता में ट्रांसफर कर दिए। बस इतने में ही उक्त टेलीग्राम व फेसबुक से उसे डिस्कनेक्ट कर दिया गया। ट्रांसफर रुपयों की स्क्रीनशाट भी उसके पास है।
इंस्पेक्टर बोले, नंबर हो रहा ट्रेस
इंस्पेक्टर तारकेश्वर राय ने बताया कि सौम्या चौहान की तहरीर पर खाता संख्या व अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। साइबर पुलिस व सर्विलांस टीम की मदद से साइबर ठग का खाता संख्या व मोबाइल नंबर को ट्रेस किया जा रहा है।

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