फतेहपुर का भगवानपुर साइबर ठगों का अड्डा, बिहार से लेकर कई राज्यों के लोगों से ठगी, पुलिस ने गांव में मारा छापा
पुलिस ने फतेहपुर के भगवानपुर गांव में 13 फरार अंतरराज्यीय साइबर ठगों की तलाश में छापा मारा। ये ठग खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर अश्लील वीडियो देखने के न ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, फतेहपुर। फतेहपुर का भगवानपुर गांव साइबर ठगों का अड्डा बना चुका है। 13 अंतरराज्जीय साइबर ठगों की जानकारी मिली है। खुद को सीबीआइ (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) अफसर बता अश्लील वीडियो देखने के नाम पर गैर प्रांतों के लोगों से आनलाइन ठगी करने वाले फरार 13 अंतरराज्जीय साइबर ठगों की खोज में पुलिस गाजीपुर थाने के भगवानपुर गांव में छापेमारी की लेकिन वहां कोई ठग हाथ नहीं लगा। जिससे पुलिस बैरंग लौट आई। इन ठगों का मोबाइल बंद होने से लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पा रहा है।
बता दें कि 24 नवंबर 2025 को साइबर क्राइम पुलिस ने छापेमारी कर साइबर ठग त्रिभुवन सिंह उर्फ रामसनेही, जितेंद्र सिंह निवासी भगवानपुर, गाजीपुर व राहुल सिंह निवासी मीरपुर थरियांव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस को चकमा देकर सरगना सुग्गा सिंह अपने सदस्यों रिंकू सिंह, देवनारायन सिंह, अनुज सिंह, मनोज सिंह, कुलदीप सिंह, शिवम सिंह, दीपक सिंह, अखिलेश उर्फ भूरा सिंह, सोनू, शानू सिंह निवासी भगवंतपुर राधानगर, जितेंद्र व शिवम सिंह निवासी फत्तेपुर थाना रनिया, कानपुर देहात के साथ भाग निकला था। जिनकी धरपकड़ के लिए साइबर क्राइम थाने से पुलिस की तीन टीमें गठित की गई है। क्योंकि इनके मोबाइल फोन बंद है।
गैंग लीडर समेत सदस्य हैं फरार
इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि भगवानपुर से भागे ठग बिहार, एमपी, झारखंड व दिल्ली के लोगों को वाट्सएप काल कर अश्लील वीडियो देखने के नाम पर ठगी का शिकार बनाते हैं। इस गैंग के नामजद तेरह सदस्य अभी फरार हैं। जिसमें सरगना सुग्गा सिंह भी शामिल है जो ठगी के आरोप में बिहार के रोहताश जेल से बंद था और कुछ दिन पूर्व ही छूटा है। सरगना व इसके सदस्यों की खोज में भगवानपुर में छापेमारी की गई लेकिन ये सभी घरों से फरार हैं।
गैंग में 25 युवा हैं शामिल
जेल गया जितेंद्र सिंह एक बार चुनाव लड़ा था लेकिन हार गया था। इस गांव में करीब 25 ऐसे युवाओं का साइबर गिरोह है जो ऐसे प्रांतों में मोबाइल यूजरों को काल करते हैं जो हिंदी भाषा समझते हैं जैसे बिहार, एमपी, यूपी, झारखंड आदि प्रांत हैं। जेल भेजे गए ठगों के मोबाइल सीडीआर खंगाली जा रही है जिसमें कुछ ठग व पीड़ितों के नाम सामने आ रहे हैं।

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