खान-पान में लापरवाही से पेट में संक्रमण के बढ़े मरीज, डाक्टर ने बताया उपचार का तरीका
चंदौली में बदलते मौसम के कारण पेट संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दूषित पानी और बासी भोजन से संक्रमण फैल रहा है जिससे दस्त उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। चिकित्सकों ने स्वच्छता बनाए रखने उबला पानी पीने और बासी भोजन से बचने की सलाह दी है।

जागरण संवाददाता, चंदौली। बदलते मौसम में खान-पान में की जाने वाली लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है। थोड़ी-सी असावधानी पेट में संक्रमण और अन्य बीमारियों को जन्म दे रही हैं।
चिकित्सा महाविद्यालय के अलावा जिला अस्पताल चकिया, सीएचसी व पीएचसी में रोजाना पेट से संबंधित बीमारी के 75 से 80 मरीज पहुंच रहें हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
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चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में शनिवार को 200 से अधिक नए व पुराने मरीजों ने उपचार कराया और सलाह ली। चिकित्सकों का कहना है कि दूषित पानी, बासी खाना या बाहर का तला व भुना खाद्य पदार्थ पेट संबंधी रोगों का मुख्य कारण है। मौसम बदलने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है।
ऐसे में संक्रमण जल्दी असर करता है। बताया कि मरीजों में दस्त, उल्टी, गैस्ट्रिक, पेट दर्द और आंतों का संक्रमण जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। कुछ मामलों में मरीजों को गंभीर स्थिति में भर्ती भी करना पड़ रहा है। मेडिसिन विभाग के असि. प्रोफेसर डा. धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि खान-पान में स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बासी भोजन, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ और कटे हुए फल खाने से परहेज करना चाहिए। साथ ही पीने के लिए हमेशा स्वच्छ और उबला पानी ही इस्तेमाल करना चाहिए।
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ये जरूर करें-
- मौसम में बदलाव के दौरान लोगों को हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए।
- अधिक तैलीय और मसालेदार खाने से बचें।
- खाने से पहले और शौच के बाद हाथ धोने की आदत जरूर डालें।
- जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से संपर्क करें और दवाओं का सेवन स्वयं न करें।
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बोलीं चिकित्सक
मेडिकल कालेज में पेट के संक्रमण के उपचार की बेहतर व्यवस्था है। पीड़ित मेडिसिन विभाग में दिखाकर कर परामर्श लें। यदि जरूरत होगी तो उन्हें भर्ती किया जाएगा।
- डा. नैंसी पारुल, उप प्राचार्य, चिकित्सा महाविद्यालय।
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