गोशालाओं में बैंकर्स लगवाएंगे सीसीटीवी कैमरे, आनलाइन देखी जाएंगी रखरखाव की गतिविधियां
चंदौली जिले में गोवंश की सुरक्षा के लिए गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पशुपालन विभाग ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा है। बैंकर्स को सीएसआर फंड के माध्यम से कैमरे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इन कैमरों की मदद से अधिकारी कार्यालय में बैठकर ही गोशालाओं की निगरानी कर सकेंगे।

जागरण संवाददाता, चंदौली। गोवंश की देखरेख, चारा व पानी आदि के प्रबंध में होने वाली लापरवाही को दूर करने के लिए गोशालाओं की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से होनी है। इसके लिए निर्देश तो बीते वर्ष ही आ गया था। लेकिन, पशुपालन विभाग ने प्रक्रिया अब शुरू करते हुए सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए डिमांड शासन को भेजा तो कार्रवाई शुरू हुई है।
मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं ने बताया कि इसकी जिम्मेदारी बैंकर्स को दी गई है। कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड के माध्यम से गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे बैंकर्स की ओर से लगवा जाएंगे। इससे गतिविधियां देखी जाएंगी।
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जनपद में 23 गोशाला व कांजी हाउस हैं। यहां 13 हजार 997 गोवंश संरक्षित हैं। इनमें चार गोशालाएं नगरीय क्षेत्र पीडीडीयू नगर, सैयदराजा, सदर (चंदौली) व चकिया में हैं। इनमें लगभग 452 गोवंश संरक्षित हैं। गोशालाओं में कैमरे लगने बाद राउटर के जरिए अधिकारी अपने कार्यालय में बैठकर ही निगरानी करेंगे। इसके सार्थक नतीजे भी सामने आने की विभाग ने उम्मीद जताई है। गोशाला से जुड़े लोग लापरवाही छोड़कर सतर्क हो जाएंगे।
चारा, पानी के अभाव में गोवंश के दम तोड़ने, गोशाला से उनको भगाने की शिकायत पर भी अंकुश लग सकेगा। प्रशासन ने इन शिकायतों को कम करने के लिए गोशाला की निगरानी में कैमरे का प्रयोग करने का फैसला किया है। मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन की ओर से कैमरे का प्रबंध कराया जाएगा। इसी से गोशालाओं की निगरानी भी की जाएगी। ऐसे में वहां के कर्मचारी भी लापरवाही छोड़कर गोवंशों का ध्यान रखने में सक्रियता दिखाएंगे।
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कार्यालय में ही लाइव देख सकेंगे अधिकारी
गोशाला की लाइव निगरानी के लिए जिले के उच्चाधिकारियों के कार्यालय में अलग से बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी। डीएम, सीडीओ, सीवीओ जब चाहेंगे अपने दफ्तर में बैठे-बैठे ही एक क्लिक पर किसी भी गोशाला को अपने कार्यालय में लगी स्क्रीन पर लाइव देख सकेंगे।
एक महीने का फुटेज रहेगा सुरक्षित
गोशाला की न सिर्फ लाइव निगरानी रखी जा सकेगी, बल्कि उसके फुटेज भी एक महीने तक सुरक्षित रहेंगे। यदि किसी ने किसी गोशाला से जुड़ी कोई शिकायत की है तो अधिकारी एक महीने के फुटेज के आधार पर शिकायत की हकीकत परख सकेंगे। कैमरा में लगी चिप में 12 महीने तक निगरानी की क्षमता है।
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बोले अधिकारी
ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की गोशाला में सीसीटीवी कैमरा लगाने की योजना है। इसके लिए सीडीओ की ओर से बैंकर्स को जिम्मेदारी दी गई है। कम क्षमता वाली गोशाला में आठ और बड़ी में 16 कैमरे लगाने की आवश्यकता जताई गई है। बैंकर्स सीएसआर फंड इस कार्य को कराएंगे। सितंबर के अंत तक यह कार्य आरंभ होने संभावना है। व्यवस्था से गोशालाओं की दफ्तर में ही बैठे निगरानी की जा सकेगी। कर्मचारी सतर्क रहेंगे।
- डा. जेके चौहान, नोडल अधिकारी गोशाला।
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