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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुलंदशहर बवाल: फौजी जीतू से बंद कमरे में की पूछताछ, आरोपित ने खोले कई राज

By Anurag GuptaEdited By:
Published: Sun, 09 Dec 2018 09:18 AM (IST)Updated: Sun, 09 Dec 2018 04:46 PM (IST)

बुलंदशहर बवाल में बंद कमरे में पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी फौजी जीतू ने कई राज खोल दिए हैं। तीन ...और पढ़ें

बुलंदशहर बवाल: फौजी जीतू से बंद कमरे में की पूछताछ, आरोपित ने खोले कई राज
बुलंदशहर बवाल: फौजी जीतू से बंद कमरे में की पूछताछ, आरोपित ने खोले कई राज

बुलंदशहर, जेएनएन। स्याना में तीन दिसंबर को गोकशी को लेकर हुए बवाल में शहीद हुए कोतवाल सुबोध कुमार सिंह की हत्या में आरोपित माने जा रहे जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी को सैन्य अधिकारियों ने शनिवार रात 1:00 बजे नोएडा एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया। यहां से बुलंदशहर पुलिस उसको गिरफ्तार कर स्याना कोतवाली ले आई। एसटीएफ के सीओ ने मेरठ में बताया कि पूछताछ में पुलिस को अभी ऐसे कोई सुबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह कहा जा सके कि जीतू फौजी ने ही कोतवाल की गोली मारकर हत्या की। ताजा जानकारी है कि बुलंदशहर पुलिस जीतू को कई किलोमीटर घुमाने के बाद पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में लेकर पहुंची। यहां अधिकारी उससे पूछताछ की। 

 


गोली मारने के साक्ष्य अभी नहीं मिले : सीओ 
शनिवार रात एसटीएफ के सीओ ने मेरठ में मीडिया को दिए बयान में कहा है कि जीतू फौजी भीड़ का हिस्सा था, जिसके सबूत पुलिस को मिले हैं। लेकिन उसने ही कोतवाल को गोली मारी इसके साक्ष्य अभी नहीं मिले हैं। एसआइटी इसकी जांच कर रही है।
मैं घटनास्थल पर था, पर गोली नहीं चलाई : जीतू 
फौजी जीतू ने मेरठ में मीडिया से कहा कि वह घटनास्थल पर मौजूद था। इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या उसने नहीं की है। उसे तो पता भी नहीं था कि गोली चल गई है। सीओ एसटीएफ ने बताया कि आरोपित के विरुद्ध प्रमाण तलाशे जा रहे हैं।

पूछताछ के बाद जीतू कोर्ट में पेश

बुलंदशहर बवाल में हत्यारोपित जीतू फौजी को रविवार को स्पेशल मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इससे पहले जिला अस्पताल में जीतू का मेडिकल हुआ। जीतू को शनिवार रात सेना ने मेरठ एसटीएफ कार्यालय में नोएडा एसटीएफ के सुपुर्द किया था। रविवार तड़के पुलिस और एसटीएफ बुलंदशहर लेकर पहुंचे। यहां एसआइटी ने उससे घंटों पूछताछ की। इसके बाद पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में उससे पूछताछ की गई। 

गोकशी के बाद हुआ था बवाल 
महाव गांव में गोवंश के अवशेष मिले थे, जिसको लेकर बवाल हो गया था। इसमें स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह गोली लगने से शहीद हो गए थे और चिंगरावठी के युवक सुमित की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। इस प्रकरण में पुलिस ने 27 बलवाइयों को नामजद करते हुए 60 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया था। इसमें जम्मू कश्मीर में तैनात फौजी जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू को भी आरोपित बनाया गया है। शुरुआती जांच में पुलिस जीतू फौजी को कोतवाल की हत्या का आरोपित मान रही है।
जम्मू कश्मीर गई थी पुलिस और एसटीएफ 
घटना की तह तक जाने के लिए पुलिस न्यायालय से वारंट लेकर जीतू फौजी को पकडऩे के लिए जम्मू कश्मीर गई थी, लेकिन सेना ने जीतू को इनके हवाले नहीं किया था। सैन्य अधिकारी खुद उसे लेकर सोपोर से रवाना हुए और रात 12.50 पर मेरठ एसटीएफ कार्यालय पहुंचे। यहां उसे नोएडा एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया गया। देर रात वहां से लिखापढ़ी के बाद स्याना कोतवाली पुलिस उसे लेकर बुलंदशहर आ गई।
एसआइटी ने की पूछताछ 
यहां रविवार तड़के स्याना कोतवाली में आइजी मेरठ रेंज द्वारा गठित एसआइटी ने जीतू से पूछताछ की। करीब तीन-चार घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस उसे लेकर क्षेत्र में निकल गई। माना जा रहा है कि पुलिस उसकी निशानदेही पर कोतवाल से छीनी गई लाइसेंसी पिस्टल को बरामद करने का प्रयास हुआ।

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