बुलंदशहर, जेएनएन। गोकशी की सूचना के बाद भड़की हिंसा में स्याना कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में पुलिस के साथ एसआइटी की पड़ताल ने गति पकड़ ली है। इस मामले में अब पुलिस सुबोध कुमार सिंह को गोली मारने वाले एक फौजी को पकडऩे के प्रयास में हैं। एफआईआर में भी उक्त फौजी का नाम है। इसके साथ ही वायरल वीडियो में भी फौजी अवैध कट्टे के साथ देखा गया है। इसी को आधार बनाकर पुलिस जांच कर रही है।

स्याना में गोवंशों के अवशेष मिलने को लेकर हुए बवाल में नया मोड आ गया है। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में तैनात फौजी जीतू ने .32 के अवैध असलहे से कोतवाल को गोली मारी थी। जम्मू रवाना हुई एसटीएफ की टीम शाम तक फौजी को बुलंदशहर लेकर आ जाएगी। उधर, पुलिस ने बवाल प्रकरण में करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। जिनसे पूछताछ के बाद पुलिस कार्रवाई करेंगी। 

तीन दिसंबर को स्याना कोतवाली की चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास गोवंशों के मिलने को लेकर हुए बवाल में स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह व चिंगरावठी गांव निवासी सुमित पुत्र अमरजीत की .32 बोर की गोली लगने से मौत हो गई थी। शुरूआत में पुलिस अधिकारी यह मानकर चल रहे थे कि कोतवाल की लाइसेंसी पिस्टल को लूटकर बलवाइयों ने दोनों को गोली मारी थी, लेकिन एसआइटी टीम के हाथ लगे एक वीडियो में जम्मू-कश्मीर में तैनात महाव गांव निवासी जीतू उर्फ फौजी के गोली मारने की बात कही जा रही है। घटना वाले दिन फौजी गांव में था, वह छुटटी आया हुआ थ। अगले ही दिन वह जम्मू लौट गया था। फौजी को लाने के लिए एसटीएफ की टीम जम्मू रवाना हो गई है। टीम शुक्रवार देर शाम तक फौजी को बुलंदशहर ला सकती है।

पुलिस महकमे में चर्चा है कि फौजी ने .32 की पिस्टल से कोतवाल को गोली मारी थी, लेकिन पुलिस अधिकारी कह रहे है कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फौजी की मां रतनकौर बेटे को निर्दोष बता रही हैं। हालांकि फौजी की पत्नी भी घर पर नहीं है। एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें यह बताया जा रहा है कि गोली मारने वाला बलवाइयों में आरोपित फौजी जीतू भी शामिल है। जांच की जा रही है एसटीएफ फौजी को लेने जम्मू गई है।

बुलंदशहर में गोकशी के बाद हिंसा के मामले में पता चला है कि महाव गांव के फौजी ने इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को गोली मारी थी। इस प्रकरण की जांच कर रही एसआइटी टीम को गोली मारते फौजी का वीडियो मिलने की सूचना है। भारतीय सेना का जवान जीतू जम्मू में तैनात हैं। बुलंदशहर पुलिस ने फौजी की गिरफ्तारी के लिए सेना के अफसरों से बात कर ली है। यहां से टीम फौजी को गिरफ्तार करने के लिए जम्मू रवाना हो गई है। महाव का फौजी छुट्टी पर आया था। इसी दौरान वहां पर बवाल हो गया। जांच अधिकारियों को इस प्रकरण में एक महत्वपूर्ण वीडियो मिला है, जिसमें एक व्यक्ति भीड़ में गोली चलाता दिखाई दे रहा है। जांच में यह व्यक्ति फौजी बताया गया, जो कि जम्मू में तैनात है। जिसमें स्याना थाने के विवेचक और पुलिस अफसर भी जम्मू गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फौजी की जिस यूनिट में तैनाती है, वहां के अधिकारियों से पुलिस अधिकारियों की बातचीत हुई है। जिन्होंने पुलिस की जांच में सहयोग करने की बात कही है। उन्होंने फौजी को पुलिस को सौंपने का आश्वासन दिया है।  

प्रदेश पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि स्थानीय, आरोपी और मौके पर मौजूद रहे लोगों से पूछताछ पर जीतू उर्फ फौजी का नाम सामने आया है। उसे पकडऩे के लिए दो टीमें निकल चुकी हैं, लेकिन हम लोकेशन इसलिए नहीं बता सकते क्योंकि इससे जांच प्रभावित हो सकती है। जब हम जीतू को पकड़ लेंगे और पूछताछ कर लेंगे तब बता पाएंगे कि क्या वाकई में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या जीतू फौजी ने ही की है। यह शुरुआती लीड है। जीतू को पकडऩे के लिए पुलिस की दो टीमें जम्मू-कश्मीर गई हैं। एक टीम यूपी एसटीएफ की है और दूसरी यूपी पुलिस की। आरोपी जीतू फौजी बीएसएफ का जवान है।

पुलिस पुख्ता तौर पर कह रही है कि जीतू फौजी घटना में शामिल था। उसे नामजद किया गया है। सुबोध कुमार को गोली जीतू फौजी ने मारी या नहीं इस पर सवाल है। जीतू घटना के तुरंत बाद भागकर अपनी बटालियन चला गया। जीतू का भाई धर्मेन्द्र भी आर्मी में है और वह पूणे में तैनात है। पुलिस ने जीतू के पिता राजपाल से पूछताछ की, जिससे पता चला कि घटना के दिन जीतू गांव में ही था।

पुलिस ने इस मुकदमे में 27 लोगों को नामजद करते हुए 250-300 अज्ञात लोग मुल्जिम बनाए हैं। जिसमें फौजी का नाम भी हत्या की धारा में दर्ज है। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को किसने गोली मारी और उसका हत्यारोपी कौन है। यह भी जांच का विषय है कि स्थानीय युवक सुमित को किसकी गोली लगी। एसएसपी आगरा और एसएसपी नोएडा को इस मामले में लगाया है। आगरा और नोएडा एसटीएफ भी बवाल के आरोपियों को तलाशने में लगी है। दोनों जनपदों की एसटीएफ बवाल के आरोपियों को दूसरे जनपदों में ढूंढ रही हैं। वहीं, एसटीएफ मेरठ भी मुख्य आरोपी बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की तलाश में लगी हुई है। इसको लेकर एसटीएफ टीम हिंदू संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत करने में लगी है। बुलंदशहर बवाल का मास्टरमाइंड कौन है, इसकी तफ्तीश कई सीनियर पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस ने पूरी घटना से संबंधित करीब 203 वीडियो जुटाई हैं, जिनमें यह देखा जा रहा कि बवाल कहां से शुरू हुआ और लोगों की भीड़ कैसे उत्तेजित हुई।

बुलंदशहर में गोकशी की सूचना के बाद हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के साथ युवक सुमित की हत्या के मामले में पुलिस के साथ ही एसआइटी जांच कर रही है। एसआइटी के मुखिया एडीजी इंटेलिजेंस ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव गृह को सौंपी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के दिल्ली से वापस लौटने पर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।

बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के चिन्गरावठी गांव में तीन दिसंबर को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या को एक फौजी ने अंजाम दिया था। सूत्रों के मुताबिक छुट्टी पर आए फौजी ने ही अवैध कट्टे से इंस्पेक्टर सुबोध को गोली मारी थी। इस बड़ी वारदात के बाद फौजी जम्मू भाग गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। एफआईआर में भी उक्त फौजी का नाम है। इसके साथ ही वायरल वीडियो में भी फौजी अवैध कट्टे के साथ देखा गया है। अब पुलिस भी इसी को आधार बनाकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को एक महत्वपूर्ण वीडियो मिला है, जिसमें फौजी गोली चलाता साफ दिख रहा है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने जम्मू में फौजी की यूनिट के अधिकारियों से बात की। अब फौजी की गिरफ्तारी के लिए बुलंदशहर से पुलिस की टीम जम्मू के लिए रवाना हो गई है ।

एडीजी इंटेलीजेंस एसपी शिरोडकर ने मामले में जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंस्पेक्टर सुबोध और सुमित की हत्या एक ही बोर की गोली से हुई है। इसके साथ ही पूरी घटना को एक सुनियोजित साजिश बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है इंस्पेक्टर सुबोध बगैर हेल्मेट और बॉडी प्रोटेक्शन के मौके पर पहुंचे थे। इस मामले में सीनियर पुलिस अधिकारी भी मौके पर काफी विलंब से पहुंचे। यह घटना सुबह 9.30 बजे की है जबकि अधिकारी 11.30 बजे के करीब पहुंचे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक साजिश के तहत आरोपी ट्रैक्टर ट्रॉली पर प्रतिबंधित मांस रखकर भाग रहे थे। जिसकी वजह से पुलिस ट्राली को हटाने में नाकाम रही। ऐसा कर आक्रोशित भीड़ पुलिस का समय बर्बाद करना चाहती थी। इसके कुछ देर बाद ही धार्मिक कार्यक्रम से लौटने वाली भीड़ को उसी सड़क पर आना था। तब स्थिति बेकाबू हो सकती थी।  

कोतवाल की लाइसेंसी पिस्टल पुलिस के पास होने की चर्चा

स्याना कोतवाली में दर्ज मुकदमे में पुलिस ने बलवाइयों पर कोतवाल सुबोध कुमार सिंह की लाइसेंसी पिस्टल लूटने का आरोप भी लगाया है, लेकिन पुलिस महकमे में अब धीरे-धीरे चर्चा होने लगी है कि कोतवाल की लाइसेंसी पिस्टल व तीन मोबाइल पुलिस के पास मौजूद हैं। इन्हें घटना के आरोपितों से बरामद होना दर्शाया जा सकता है।

Posted By: Dharmendra Pandey