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    आ गया नया आदेश: अब सरकारी अस्पतालों में घूमते दिखे आवारा कुत्तों तो प्रभारी चिकित्सक होंगे जिम्मेदार

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 11:53 AM (IST)

    बुलंदशहर के सरकारी अस्पतालों में आवारा कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए सीएमओ ने निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, बुलंदशहर। अब सरकारी अस्पतालों में कुत्ते प्रवेश नहीं कर सकेंगे। आवारा कुत्ते अस्पताल परिसर में घुसे तो प्रभारी चिकित्सक जिम्मेदार होंगे। इसके लिए महानिदेशक के निर्देश आने पर सीएमओ ने सभी सीएचसी, पीएचसी और एपीएचसी के प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

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    जहां अस्पतालों में चारदीवारी क्षतिग्रस्त है। वहां चारदीवारी कराई जाएगी और टूटे पड़े गेट भी सही कराए जाएंगे। जिलेभर में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के अलावा खुर्जा, सिकंदराबाद और 100 बेड डिबाई बड़े अस्पताल हैं। इसके अलावा 13 सीएचसी, पांच ब्लॉक स्तरीय पीएचसी और 73 पीएचसी के अलावा 365 एपीएचसी हैं।

    इममें कुछ पीएचसी की चारदीवारी क्षतिग्रस्त है और अनेक जगहों पर पीएचसी व कई सीएचसी के गेट खराब पड़े हैं। इसलिए आवारा कुत्तों का प्रवेश हो जाता है। कई सरकारी अस्पतालों में तो कुत्ते वार्ड से लेकर इमरजेंसी तक में घूमते रहते हैं।

    जिला मुख्यालय पर ही देखें तो कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में ओपीडी के अंदर, इमरजेंसी के अंदर से लेकर वार्ड के अंदर तक आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। कई बार तो आवारा कुत्ते मरीज के पास रखे खाने के सामान में मुंह दे जाते हैं।

    एक दो बार तो मरीज के बेड पर बैठे कुत्ते की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आती रही हैं, लेकिन अब इस पर रोक लगेगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पारित किया है। सुप्रीम कोर्ट के उसी आदेश के अनुपालन में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने बुलंदशहर समेत सभी जिलों के सीएमओ को निर्देश जारी किए हैं।

    निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी अस्पताल में आने वाले कुत्ते काटे के मरीजों को अलग-अलग दर्ज किया जाए। इसमें पालतू और आवारा कुत्तों के काटे मरीजों का आंकड़ा अलग-अलग दर्ज होगा।

    सीएमओ ने बताया कि महानिदेशक ने जूम मीटिंग कर निर्देश दिए हैं। अपने स्तर से सभी सरकारी अस्पतालों के परिसर को कुत्तों से मुक्त रखने के लिए परिसर की चारदीवारी, गेट और सही कराने के निर्देश सभी प्रभारियों को दिए हैं। परिसर में कुत्ता घुसा मिला तो प्रभारी जिम्मेदारी होंगे।

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