UP News: सरकारी नौकरी नहीं मिली तो CTET पास छात्रा ने दी जान, सुसाइड नोट पढ़कर पुलिस भी हैरान
नवाबगंज में सरकारी नौकरी न मिलने से परेशान 35 वर्षीय गुलनाज ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। बीएससी, डीएलएड, सीटीईटी और यूपीटेट उत्तीर्ण होने के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, नवाबगंज (बरेली)। सरकारी नौकरी न मिलने से परेशान होकर एक युवती ने ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जान दे दी। उसके पास से मिले सुसाइड नोट में उसने अपना दर्द बयां करते हुए अपनी किस्मत को जिम्मेदार ठहराया है। उसकी मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया।
सूचना पर पहुंची जीआरपी पीलीभीत ने शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए पीलीभीत भेज दिया। कस्बे के मोहल्ला इस्लामनगर निवासी फहमुद्दीन अंसारी की बेटी गुलनाज 35 वर्ष पढ़ाई में काफी मेहनती थी। बीएससी करने के बाद उसने डीएलएड कर सीटीईटी और यूपीटेट कर परीक्षा भी उत्तीर्ण की थीं।
बावजूद इसके लंबे समय से नौकरी न मिलने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। सोमवार की सुबह वह अपने घर से प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए बरेली जाने की बात कह कर निकली थी। बरेली न जाकर उसने बिजौरिया रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे फाटक पर पीलीभीत से बरेली जा रही ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी।
मौके पर उसके पास से मिले सुसाइड नोट में उसने अपनी निराशा और बेरोजगारी का दर्द बयां किया है। उसके पास से मिले सुसाइड नोट में उसने कहा है। मैं अपनी मर्जी से खुदकुशी करने जा रही हूं। मैं अपनी जिंदगी से बहुत तंग आ चुकी हूं। मेरे साथ आज तक कुछ भी अच्छा नहीं हुआ है।
अब जिंदगी के जितने साल बचे हैं। उनमें कुछ अच्छा हो ऐसी उम्मीद करना बेकार है। मुझे यकीन हो गया कि अब कभी किस्मत बदलेगी। इससे ज्यादा बदतर जिंदगी होने वाली है। मेरे ऊपर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है। मेरी मौत के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है। मेरे मरने के बाद किसी प्रकार का कोई जांच या कार्रवाई न की जाए। यह मेरा अनुरोध है।
यह सब मैं अपनी मर्जी से कर रही हूं। तुम लोगों को लगता होगा कि मैने खुदकुशी करके अछा नहीं किया। लेकिन जिंदगी भी कहां बची है और अच्छी जिंदगी होगी ऐसी उम्मीद है ही नहीं। मैं टूट चुकी हूं। लेकिन बाद में तुम ही लोगों को सही लगेगा। सभी लोग खुश रहना मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए जा रही हूं। मेरे किसी भी बैंक एकाउंट में कोई रुपए नहीं हैं। न एसबीआई में और न बीओबी में।
मैंने सभी रुपये निकाल कर अलमारी में रख दिए हैं। 10 हजार रुपए और कुछ रुपए पर्स में रखे हैं। सोने की नथ कानों के बुंदे के साथ रख दी है। उसकी मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। उसके परिजन रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए पीलीभीत भेज दिया। उसकी मौत के बाद उसके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
भाई बहनों में सबसे बड़ी थी गुलनाज
ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जान देने वाली गुजनाज अपने भाई बहनो में सबसे बड़ी थी। उसका छोटा भाई शहबाज विदेश में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बहन नरगिस भी पढाई कर रही है।

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