कहीं आपकी फार्मेसी डिग्री भी तो 'नकली' नहीं? मुजफ्फरनगर के कॉलेज का बड़ा भंडाफोड़
मुजफ्फरनगर के बाबा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी पर डी-फार्मा में दाखिले के नाम पर छात्रों से लाखों की ठगी और फर्जी अंकपत्र देने का आरोप है। कोर्ट के आदेश प ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। डी-फार्मा कराने के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये की ठगी और उन्हें फर्जी अंकपत्र देने का मामला सामने आया है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मुज्जफरनगर स्थित बाबा इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी के प्रबंधक, चेयरमैन समेत तीन लोगों के विरुद्ध बिथरी थाने में प्राथमिकी लिखी गई है। आरोप है कि कालेज प्रबंधन ने छात्रों से 5.97 लाख रुपये ठगे और फर्जी अंकपत्र पकड़ा दिए।
बिथरी के पदारथपुर गांव निवासी माजिद अली दर्जन भर छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई कि कालेज का ही एक व्यक्ति उनसे मिला और कहा कि वह डीफार्मा में उनका एडमिशन बड़े ही आसानी से करा देगा। आरोप है कि सत्र 2021–22 में उन्हें डी-फार्मा के लिए छात्रों ने अपने सभी दस्तावेज भी दे दिए।
इसके बाद कालेज प्रबंधक इमलाख खान, चेयरमैन इमरान खान और उनके भाई आरिफ खान आदि आते और फीस के नाम पर रुपये लेते थे। आरोपितों ने एक छात्र से करीब 5.97 लाख रुपये ले लिए, लेकिन परीक्षा नहीं कराई। जब उन्होंने विरोध किया तो कालेज की तरफ से बिना परीक्षा अंकपत्र दे दिए गए।
जब छात्रों ने यूपी फार्मेसी काउंसिल, लखनऊ में अपने रजिस्ट्रेशन के लिए वह अंकपत्र लगाया तो सच्चाई सामने आई। काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन खारिज कर दिया और बताया कि मार्कशीट पूरी तरह फर्जी हैं, यहां तक कि पासिंग ईयर तक में हेराफेरी की गई। मामले में पहले उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश पर आरोपित कालेज प्रबंधक इमलाख खान, चेयरमैन इमरान खान व प्रबंधक के भाई आरिफ खान के विरुद्ध प्राथमिकी लिख ली है। बता दें कि इससे पहले ठीक इसी तरह का प्रकरण बरेली में भी खुसरो कालेज का सामने आया था। इस मामले में बरेली पुलिस ने सभी आरोपितों को जेल भेजा और उनके विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।

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